ज्योतिष

Jyotisha is the traditional Hindu system of astrology, also known as Hindu Astrology, Indian astrology, and more recently Vedic astrology. Aries (Mesh), Taurus (Vrishabha), Gemini (Mithun), Cancer (Kark), Leo (Simha), Virgo (Kanya), Libra (Tula), Scorpius (Vrishchik), Sagittarius (Dhanu), Capricorn (Makar), Aquarius (Kumbh), Pisces (Meen).

क्या आप भी अपने विदेश जाने के सपने को पूरा करना चाहते है, तो...

आज के समय में विदेश जाने का सपना हर एक युवा रखता है, विदेश का नाम सुनकर ही उनकी आँखों में एक अलग सी चमक देखने को मिलती है| लोग विदेश घूमने, पढ़ने, व्यापार...

जानिए मस्तक पर कौन सी रेखाएं होती हैं व उनका किसी व्यक्ति के स्वभाव...

भारत में वैदिक काल से प्रचलित सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार माथे की रेखाओं के आधार पर किसी इंसान के भूत, भविष्य और वर्तमान व स्वभाव की जानकारी प्राप्त हो सकती है| इसके लिए किसी भी व्यक्ति के माथे की...

क्या आपको पता है कि घोड़े की नाल क्यों लायी जाती है प्रयोग में

घोड़े की नाल, सिर्फ काले घोड़े की, कोई साधारण नाल नहीं है| काले घोड़े के दाहिने पाँव की नाल को बहुत शुभ माना जाता है| आज के समय में हजारों लोगों को यह जानने की...

गायत्री मंत्र: इस एक मंत्र से हो सकते है आपको अनेक लाभ

गायत्री मंत्र वेदों का महत्वपूर्ण और सर्वश्रेष्ट मंत्र है, जिसकी शक्ति ॐ के बराबर है| इसे सावित्री भी कहा जाता है क्योकि इस मंत्र में सवित्र देव की उपासना है| ऐसा माना जाता है कि गायत्री मंत्र का...

भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी देती है हस्तरेखाएँ

प्राचीन काल से अपने भविष्य को जानने की तीन प्रक्रियाएं चलती आ रही है- ज्योतिष शास्त्र, अंक ज्योतिष और हस्त शास्त्र| हाथों की लकीरें पढ़कर एक व्यक्ति को उसके भूतकाल, वर्तमान और भविष्य की जानकारी देने की कला को...

क्या आप भी भूत प्रेत के प्रभाव से पाना चाहते है मुक्ति ?

आज के समय में कुछ लोग भूत प्रेत में विश्वास रखते है और कुछ लोगों के लिए ये बातें फिजूल की है और जो लोग इन बातों में विश्वास रखते है वे भूत प्रेत आत्माओं से...

स्वस्तिक: क्यों माना जाता है शुभ मंगल का प्रतीक

प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले स्वस्तिक चिन्ह दीवार, थाली या ज़मीन पर बनाकर उसकी पूजा की जाती है| इसे शुभ मंगल का प्रतीक कहा गया है| स्वस्तिक शब्द 'सु'...

कछुआ पालने से किस प्रकार आपको हो सकता है लाभ

कछुआ जल और स्थल दोनों जगह पाए जाने वाला जीव है, इनकी चार टांगे और गर्दन बाहर की ओर निकली रहती है| भारत के पुराणों में कछुए का काफी जिक्र होता आया है| भगवान विष्णु...

हिन्दू धर्म में क्या मान्यता है जनेऊ धारण करने की, जानिए इसका रहस्य और...

जनेऊ एक पवित्र सफ़ेद रंग का तीन धागों वाला सूत्र है, जिसे 'उपनयन संस्कार' के समय धारण किया जाता है और संस्कृत में इसे 'यज्ञोपवीत संस्कार' कहा जाता है|इस सूत से बने पवित्र धागे को बाएं कंधे के ऊपर से...

जानिए अपनी रसोईघर का वास्तु

हर घर में रसोईघर का बहुत ही प्रमुख स्थान है जहाँ सम्पूर्ण परिवार के लिए भोजन तैयार होता है| प्राचीन काल में खाना बनाना, बर्तन धोने जैसी प्रक्रिया भवन के बाहर की जाती थी...

जानिए कौन सा रत्न है आपके लिए फायदेमंद

प्राचीनकाल से ही रत्न मनुष्य के जीवन में प्रभावशाली भूमिका निभाते है, यह व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करते है| रत्नो का प्रयोग आभूषणों और ज्योतिषी उद्देश्य के लिए किया जाता है| कुछ लोग इसे शोकियां...

तुलसी का पौधा उगाते समय इन बात्तों का रखे ध्यान

तुलसी एक पवित्र जड़ी-बूटी है यह झाड़ी के रूप में उगता है और 2 से 3 फुट ऊँचा होता है।  इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। तुलसी को घर में...