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श्री लक्ष्मी चालीसा

देवी लक्ष्मी को वैभव की देवी माना जाता है। लक्ष्मी जी की नित्य पूजा करने से जीवन में कभी दरिद्रता नहीं आती। घर सुख समृद्धि से परिपूर्ण रहता है। श्री लक्ष्मी चालीसा ॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती...

काली माँ चालीसा

माँ काली की उत्पत्ति राक्षसों के संहार हेतु की गई थी। माँ काली देवी दुर्गा का ही दूसरा रूप हैं। इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि या मां काली कहा जाता है। इनकी अराधना करने से हम भय और संकट से मुक्ति पा सकते हैं। श्री काली चालीसा ॥॥दोहा ॥॥ जयकाली...

शनि देव चालीसा

॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥ चारि भुजा, तनु श्याम विराजै। माथे रतन मुकुट छबि छाजै॥ परम विशाल मनोहर भाला। टेढ़ी...

देवी सरस्वती चालीसा

ज्ञान की देवी सरस्वती को वाग्देवी के नाम से भी जाना जाता है। इन्हें  श्वेत वर्ण अत्यधिक प्रिय है। क्योंकि यह सादगी का प्रतीक है। सरस्वती जी की पूजा साधना में निम्न चालीसा का विशेष महत्त्व है। श्री सरस्वती चालीसा ॥दोहा॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत...

श्री कृष्णा चालीसा

श्री कृष्ण को कौन नहीं जानता। कृष्ण जी को भगवान विष्णु का अवतार भी कहा जाता है। ॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत...

देवी पार्वती चालीसा – Devi Parvati Chalisa

मान्यता है कि पार्वती जी की उपासना करने से सभी दुखों का अंत हो जाता है तथा मन को भी बहुत शांति मिलती है। पार्वती जी का दिल करुणा से भरा हुआ है। यदि कोई व्यक्ति अपनी गलतियों के लिए सच्चे मन से आराधना करता है तो वह तुरंत उसे क्षमा...

श्री विष्णु चालीसा

विष्णु भगवान को हिन्दू धर्म में त्रिदेवों में से एक बताया गया, ब्रम्हा - विष्णु - महेश। ।।दोहा।। विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ ।।चौपाई।। नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट नशावन अखिल बिहारी । प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी,त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥1॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत,सरल स्वभाव...

सूर्य देव चालीसा

सूर्य देव का हिन्दू धर्म में बहुत अधिक महत्व है। कहा जाता है की पुत्र प्राप्ति के लिए सूर्य देव की आराधना करनी चाहिए। सूर्य देव से ही धरती पर जीवन हैं। ॥दोहा॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग, पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥चौपाई॥ जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु!...

देवी सरस्वती चालीसा

हिन्दू धर्म में सरस्वती देवी को विद्या की देवी भी कहा जाता है। श्री कृष्ण ने भी सबसे पहले माँ सरस्वती की पूजा की थी। सरस्वती देवी को सफ़ेद रंग सबसे अधिक प्रिय है, क्योंकि यह रंग स्वछता का प्रतीक है। जब भी सरस्वती माँ की आराधना करें यह...

श्री राम चालीसा

भगवान श्री राम को श्री विष्णु का सातवाँ (7) अवतार माना जाता है। श्री राम, रामायण के मुख्य पात्र हैं। भगवान राम की पत्नी का नाम देवी सीता है। श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥1॥ ध्यान धरे शिवजी...

शिव चालीसा

शिवजी की आराधना के लिए सबसे आसान मंत्र है "ऊं नम: शिवाय"। इस मंत्र के साथ शिवजी की पूजा में शिव चालीसा का भी उपयोग किया जाता है। शिव चालीसा हिन्दू धार्मिक पुस्तकों में भी वर्णित है। ।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ जय गिरिजा...

देवी लक्ष्मी चालीसा : धन और वैभव की प्राप्ति के लिए करें लक्ष्मी चालीसा...

हिन्दू धर्म में लक्ष्मी देवी की बहुत मान्यता है। देवी लक्ष्मी को धन, वैभव और संपन्नता का प्रतीक माना गया है। देवी को पूजने के कई तरीके हैं, जिनमें से सबसे प्रचलित तरीका है 'चालीसा' पाठ। ॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा॥ यही...

श्री गणेश चालीसा

श्री गणेश हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपूरण देवता माने गए हैं। श्री गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है और उनकी पूजा हर शुभ कार्य के आरम्भ करने से पहले की जाती है, जिस से सारे कार्य सूख पूर्वक संपन्न होते हैं। माना जाता है की श्री गणेश की आराधना करने से घर में खुशहाली,...

स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करनेवाला महामंत्र ‘वन्दे मातरम्’ और इस का अर्थ

हर देश का एक राष्ट्रीय गीत होता है, उसी तरह हमारे भारत देश का राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ है जिसे हमारे देश में बहुत महत्व दिया जाता है । राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ बकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया था| सारे क्रांतिकारी, आंदोलनकर्ता, उपोषणकर्ता आदि द्वारा उच्चारे गए इस महामंत्र से...

चामुण्डा देवी चालीसा

चामुण्डा देवी की साधना में दुर्गा जी या अम्बे मां की आरती या चालीसा का ही प्रयोग किया जाता है। चामुण्डा देवी दुर्गा माँ के सभी स्वरूपों में से प्रमुख है। चामुण्डा देवी की साधना से मनोकामना पूर्ण होती है। चामुण्डा देवी की चालीसा दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो...

Traveling To India? Learn How To Translate English to Hindi, Bengali, Marathi, Tamil, Telugu...

Are you planning to Travel to the land of Gods, India? If yes is your answer then you need to learn the local language. And no, there is not one language to learn! Just like the many Gods we worship in India, there are many languages too. I know...