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श्री विष्णु चालीसा

विष्णु भगवान को हिन्दू धर्म में त्रिदेवों में से एक बताया गया, ब्रम्हा - विष्णु - महेश। ।।दोहा।। विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ ।।चौपाई।। नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट नशावन...

सूर्य देव चालीसा

सूर्य देव का हिन्दू धर्म में बहुत अधिक महत्व है। कहा जाता है की पुत्र प्राप्ति के लिए सूर्य देव की आराधना करनी चाहिए। सूर्य देव से ही धरती पर जीवन हैं। ॥दोहा॥ कनक बदन कुण्डल...

देवी सरस्वती चालीसा

हिन्दू धर्म में सरस्वती देवी को विद्या की देवी भी कहा जाता है। श्री कृष्ण ने भी सबसे पहले माँ सरस्वती की पूजा की थी। सरस्वती देवी को सफ़ेद रंग सबसे अधिक प्रिय है,...

श्री राम चालीसा

भगवान श्री राम को श्री विष्णु का सातवाँ (7) अवतार माना जाता है। श्री राम, रामायण के मुख्य पात्र हैं। भगवान राम की पत्नी का नाम देवी सीता है। श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै...

शिव चालीसा

शिवजी की आराधना के लिए सबसे आसान मंत्र है "ऊं नम: शिवाय"। इस मंत्र के साथ शिवजी की पूजा में शिव चालीसा का भी उपयोग किया जाता है। शिव चालीसा हिन्दू धार्मिक पुस्तकों में...

देवी लक्ष्मी चालीसा : धन और वैभव की प्राप्ति के लिए करें लक्ष्मी चालीसा...

हिन्दू धर्म में लक्ष्मी देवी की बहुत मान्यता है। देवी लक्ष्मी को धन, वैभव और संपन्नता का प्रतीक माना गया है। देवी को पूजने के कई तरीके हैं, जिनमें से सबसे प्रचलित तरीका है 'चालीसा'...

श्री गणेश चालीसा

श्री गणेश हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपूरण देवता माने गए हैं। श्री गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है और उनकी पूजा हर शुभ कार्य के आरम्भ करने से पहले की जाती है, जिस से सारे कार्य सूख...

श्री लक्ष्मी चालीसा

देवी लक्ष्मी को वैभव की देवी माना जाता है। लक्ष्मी जी की नित्य पूजा करने से जीवन में कभी दरिद्रता नहीं आती। घर सुख समृद्धि से परिपूर्ण रहता है। श्री लक्ष्मी चालीसा ॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा,...

काली माँ चालीसा

माँ काली की उत्पत्ति राक्षसों के संहार हेतु की गई थी। माँ काली देवी दुर्गा का ही दूसरा रूप हैं। इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि या मां काली कहा जाता है। इनकी...

शनि देव चालीसा

॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा...

देवी सरस्वती चालीसा

ज्ञान की देवी सरस्वती को वाग्देवी के नाम से भी जाना जाता है। इन्हें  श्वेत वर्ण अत्यधिक प्रिय है। क्योंकि यह सादगी का प्रतीक है। सरस्वती जी की पूजा साधना में निम्न चालीसा का विशेष महत्त्व है। श्री...

श्री कृष्णा चालीसा

श्री कृष्ण को कौन नहीं जानता। कृष्ण जी को भगवान विष्णु का अवतार भी कहा जाता है। ॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर...

चामुण्डा देवी चालीसा

चामुण्डा देवी की साधना में दुर्गा जी या अम्बे मां की आरती या चालीसा का ही प्रयोग किया जाता है। चामुण्डा देवी दुर्गा माँ के सभी स्वरूपों में से प्रमुख है। चामुण्डा देवी की साधना से...