Home धर्म व्रत कथा - विधि

व्रत कथा - विधि

क्यों कहते है कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली – क्यो मनाई जाती है देव...

कार्तिक पूर्णिमा सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्ठ  मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने देवलोक पर हाहाकार मचाने वाले त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। उसके वध की खुशी में देवताओं ने इसी दिन दीपावली मनाई थी। हर साल लोग कार्तिक पूर्णिमा के दिन...

हनुमान जी की पूजा से शांत रहते हैं शनिदेव

हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या, शौर्य और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार अगर किसी भी संकट या परेशानी में हनुमानजी को याद किया जाए तो वह विपदा को हर लेते हैं और इसीलिए उन्हें संकटमोचन कहा गया है। बजरंग बली ने शनि महाराज को कष्टों...

नृसिंह जयंती व्रतकथा

नृसिंह जयंती को हिन्दू धर्म में बहुत धूम - धाम से मनाया जाता है| इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए नृसिंह का अवतार लिया था| इसीलिए यह दिन नृसिंह की जयंती के रूप में मनाया जाता है| हिन्दू पंचांग के अनुसार नृसिंह जयंती का व्रत वैशाख माह...

गोवर्धन पूजा और व्रत कथा

गोवर्धन पूजा की परम्परा श्री कृष्ण ने महाभारत काल में शुरू की थी| गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन की जाती है| गोवर्धन पूजा से एक कथा जुड़ी हुई है जो इस प्रकार है :- एक बार इंद्र देव को अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड हो गया था| इसलिए श्री कृष्ण ने...

कार्तिक पूर्णिमा व्रत कथा

कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है| कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली या त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है| इस दिन भगवान शिव ने ब्रह्मा और विष्णु जी की सहायता से त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था| कार्तिक पूर्णिमा व्रत कथा एक बार त्रिपुर नामक राक्षस ने कठोर...

शरद पूर्णिमा व्रत कथा

एक समय की बात है| एक साहूकार की दो पुत्रियां थी| उसकी दोनों पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत रखती थी| परन्तु दोनों के व्रत रखने में अंतर था| साहूकार की बड़ी पुत्री विधिपूर्वक पूरा व्रत करती थी जबकि छोटी पुत्री अधूरा व्रत ही किया करती थी| अधूरा व्रत करने का परिणाम छोटी पुत्री को...

पुत्र प्राप्ति के लिए किये जाने वाली छठ पूजा की कथा

पूर्वोत्तर राज्यों में ख़ास कर बिहार और उत्तर प्रदेश में छठ पर्व बड़े ही स्वच्छता और और नियम के साथ मनाया जाता है| आपने भी छठ पर्व के बारे में अवश्य सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं की इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई थी| आइये जानते हैं...

श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा

एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले - हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चैत्र व आश्विन मास के शुक्लपक्ष में नवरात्र का व्रत और उत्सव क्यों किया जाता है? इस व्रत का क्या फल है, इसे किस प्रकार करना उचित है? पहले इस व्रत को किसने किया? सो विस्तार से कहिये। बृहस्पतिजी...

मंगलवार व्रत कथा – सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र-प्राप्ति के लिए

हनुमान जी तो सब के प्रिये हैं, और सब हनुमान जी को प्रिये हैं| जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान् हनुमान जी को याद करता है, प्रभु उस का कल्याण करते हैं और उस की हर इच्छा पूरी करते हैं| आइयें पढ़े हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा: एक...

प्रदोष व्रत कथा, विधि एवं महत्व

स्कंद पुराण के अनुसार प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को "प्रदोष" कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत की कथा स्कंद पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक...

शिवलिंग पूजा की विधि

शिवलिंग भगवान शिव और देवी पार्वती का आदि-अनादि रूप है| यह पुरुष और स्त्री की समानता का प्रतीक भी है| लिंग शब्द का अर्थ है- चिन्ह, निशानी या प्रतीक|  इस संसार में दो चीज़े हैं ऊर्जा और पदार्थ| हमारा शरीर पदार्थ है और आत्मा ऊर्जा है|  इसी प्रकार शिव...

तुलसी जी की पूजा क्यों की जाती है – कारण, पूजा विधि, मंत्र

तुलसी माता को पुरे भारत में पूजा जाता है। परन्तु उन्हें पूजे जाने के पीछे क्या कारण है, ये कम लोग ही जानते हैं। पौराणिक कथायों के अनुसार माँ तुलसी का नाम वृंदा था। उनका जन्म राक्षस कुल में हुआ था। वृंदा विष्णु जी की परम भक्त थी। वह सच्चे मन से...

बृहस्पति देव का व्रत रखने की आरती, कथा तथा विधि

गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा की जाती है तथा गुरुवार का व्रत रखा जाता है। गुरुवार का व्रत रखने का बहुत महत्व है। इससे परिवार में सुख शांति बनी रहती है। इसलिए हमें गुरुवार का व्रत अवश्य रखना चाहिए। आइए जानते हैं बृहस्पति व्रत से जुड़ी कथा- पुराने समय की बात है। भारत...

बुधवार व्रत करने की विधि, कथा, उद्देश्य एवं फल

बुध ग्रह का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। जिन लोगों की कुंडली में बुध नीचे बैठा है उन्‍हें बुध ग्रह के कुप्रभाव से बचने के लिए बुधवार का व्रत अवश्‍य रखना चाहिए। बुध ग्रह व्यक्ति को विद्वता, वाद-विवाद की क्षमता प्रदान करता है। यह जातक के दांतों, गर्दन, कंधे व...

शनि देव से करो प्रेम – शनिवार व्रत कथा, आरती तथा विधि

शनि देव के क्रोध से तो हम सब ज्ञात हैं। उन्हें दंडाधिकारी भी माना जाता है। शनिवार का व्रत शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है। जिनकी जन्म कुंडली में शनि की साढ़ेसाती चल रही है या शनि की महादशा चल रही है अथवा शनि शुभ होकर अशुभ स्थिति...

What is Ram Navami and how is it celebrated?

Every year, the followers of Vedic culture celebrate two Navratris – Chaitra Navratri and Sharadiya Navratri. Both festivals are equally revered by people but Chaitra Navratri is special because the ninth day attributed to Devi Siddhidatri is the auspicious day when Lord Ramchandra made his descent on earth. Lord Ramchandra...

मातृ शक्ति की कृपा पाने के लिए कन्या पूजन के दौरान इन बातों का...

नवरात्र में सप्‍तमी तिथि से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है और इस दौरान कन्‍याओं को घर बुलाकर उन्हे भोजन कराया जाता है और पूजा की जाती है। कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर इनका स्वागत किया जाता है। इनका आर्शीवाद लिया जाता है। आइए आज हम आपको...

“शुक्रवार व्रत कथा” – Shukravar Vrat Katha || Santoshi Mata || Vidhi Vidhan

हम सातो वारों की व्रत कथा के इस अंक में आपको शुक्रवार को किए जाने वाले संतोषी माता के व्रत के बारे में जानकारी दे रहे हैं. संतोषी माता को हिंदू धर्म में संतोष, सुख, शांति और वैभव की माता के रुप में पूजा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के...
Karwa Chauth

करवा चौथ : पूजा विधि और व्रत कथा

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है। कई संप्रदायों में कुवांरी कन्याएं भी अच्छे पति की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं। यहां जानें, कैसे करें यह व्रत और...

श्रावण सोमवार की विधि और कथा

प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा करना बड़ा ही लाभकारी होता है परन्तु श्रावण मास में आने वाले सोमवार के व्रत और पूजन का अपने आप में अलग ही महत्व है| श्रावण मास के सोमवार का व्रत मनचाहे वर या वधु की प्राप्ति के लिय रखा जाता है...

गुप्त नवरात्रि – कथा, व्रत विधि

अक्सर लोगों को साल में 2 बार नवरात्रों का पता होता है| परन्तु नवरात्रे साल में 4 बार हर ऋतु में आते हैं| वसंत, आषाढ़, अश्विन और माघ में से केवल अश्विन और वसंत ऋतु में आने वाले नवरात्रि तो सभी लोग मनाते हैं| लेकिन बाकि दोनों नवरात्रि गुप्त कहलाए...

जानिए माता बगलामुखी की कथा

देवी बगलामुखी से जुडी एक कथा बहुत प्रचलित है जिसके अनुसार एक बार सतयुग में महाविनाश उत्पन्न करने वाला तूफान आया, जिससे सारी सृष्टि नष्ट होने लगी| इससे चारों ओर हाहाकार मच गया और अनेकों लोक संकट में पड़ गए और संसार की रक्षा करना असंभव सा प्रतीत होने लगा| यह तूफान सब कुछ नष्ट...