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Hinduism is the World’s most sacred and the oldest religion. Hinduism is a way of life and is often called as the eternal law beyond human origins. Hindu practices include rituals such as worship and recitations, meditation, family-oriented rites of passage, annual festivals, and pilgrimages. Every Hindu should follow honesty, ahimsa, patience, forbearance, self-restraint, compassion….

बृहस्पति देव की आरती

जय बृहस्पति देवा, ऊँ जय बृहस्पति देवा । छि छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा ॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता । सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥ तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े । प्रभु प्रकट तब होकर,...

इस तरह महाभारत युद्ध में दुर्योधन ने किया था पांडवों के मामा शल्य को...

जब कौरवों और पांडवों के मध्य महाभारत का युद्ध निश्चित हो गया तो दोनों ने युद्ध में सहायता पाने के लिए सभी राज्यों के राजाओं के पास अपने दूत भेजे| पांडवों की तरफ से एक दूत मद्रराज शल्य को भी भेजा गया| शल्य पाण्डु की दूसरी पत्नी माद्री के भाई थे| नकुल और सहदेव उनके सगे...

क्यों धर्म का पालन करना है हम सब के लिए ज़रूरी

एक बार भयानक सूखा पड़ा। सारे फसल नष्ट हो गये और जमीन बंजर हो गई। किसानों ने हार मान ली और बीजों को ना बोने का फैसला लिया। फसल बुवाई का यह चौथा साल था जब बारिश नहीं हुई थी। किसान उदास होकर बैठ गये। वो ताश खेलकर या...

भगवान शिव के प्रदोष व्रत रखने से होती है मोक्ष की प्राप्ति

प्रदोष व्रत भगवान शिव के लिए रखा जाता है| यह व्रत बहुत्त मंगलकारी होता है तथा इस व्रत को त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है| यदि इस दिन आप व्रत रखें तो आपको भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी| मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत...

क्यों नहीं अपनाया सूर्य देव ने अपने ही पुत्र शनि देव को

हिन्दू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है| शनि देव अपने पक्षपात रहित न्याय के कारण ही न्याय के देवता के रूप में पूजे जाते हैं| शनि देव के लिए यह मान्यता है कि वह हर किसी को उसके पाप व बुरे कार्य के लिए दंड...

हनुमान जी की पूजा कैसे की जाती है? यहाँ जानिए

हनुमान जी श्रीराम जी के सबसे बड़े भक्त हैं। हनुमान जी पवनपुत्र के अलावा भगवान शिव के 11वें अवतार के रूप मेंभी जाने जाते हैं। हनुमान जी अपने माता-पिता के बड़े लाडले थे अतः मां अंजना और पिता केसरी के जयकारे सेहनुमान अतिशीघ्र प्रसन्न होते हैं। हनुमानजी बुद्धि और बल...

श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र ने काशी को भस्म क्यों किया था

काशी कह लीजिए या बनारस, यह वो स्थान है जहां आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति काशी में आकर अपने प्राण त्यागता है उसे निश्चित रूप से मोक्ष की प्राप्ति होती है और वह जीवन-मरण के चक्रव्यूह से मुक्त हो जाती है। यही...

दुर्गा माता की आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी ।| जय अम्बे गौरी ॥ माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को |मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको|| जय अम्बे गौरी ॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे| मैया रक्ताम्बर...

श्री कृष्ण की मूर्ति घर में लाने से पहले जान लें यह बातें

भगवान कृष्ण अपने हर रूप में भक्तों का मन मोह लेते हैं। चाहें वे रणछोर हों या माखनचोर, बृज के गोपाले हों या फिर गोपियों के वस्त्र हरण वाले शरारती बालक, उनका हर रूप लुभावना है। भगवान कृष्ण बेहतरीन नीतिकार थे, लेकिन इसके साथ ही साथ प्रेम की व्याख्या...

ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे | भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे | ॐ जय जगदीश हरे || Om Jai Jagadiish Hare Swaami Jai Jagadiish Hare | Bhakta Jano Ke Sankatt, Daas Janon Ke Sankatt, Kssann Me Duur Kare | Om Jai Jagadiish Hare || Meaning: Om, Victory to You, the Lord of...

सभी कष्टों के निवारण का अचूक उपाय – सुन्दरकाण्ड का पाठ

शाश्त्रों तथा वेद पुराणों के अनुसार हनुमान जी की मृत्यु नहीं हुयी थी और वो आज भी जिंदा हैं| शायद यही कारण है की लोग हनुमान जी को दुसरे देवताओं के मुकाबले ज्यादा पूजते हैं| बचपन से ही डर लगने पर हनुमान चालीसा ही याद आती है| हनुमान जी...

शिव ने किया तांडव तो उठाना पड़ा विष्णु जी को सुदर्शन चक्र

भगवान शिव का विवाह प्रजापति दक्ष की पुत्री देवी सती के साथ हुआ था| दक्ष ब्रह्मा जी के पुत्र थे| पूरे ब्रह्माण्ड का अधिपति बनने के बाद दक्ष में बहुत घमंड आ गया था| दक्ष अपने दामाद अर्थात भगवान शिव को पसंद नहीं करते थे| एक बार दक्ष ने विशाल यज्ञ का...

हनुमान जी को प्रसन्न कर के बचा जा सकता है शनि देव के प्रकोप...

एक बार शनि देव किसी कार्य से कहीं जा रहे थे| मार्ग में उन्हें हनुमान जी मिले जो कि भगवान श्री राम के किसी कार्य में व्यस्त थे| हनुमान जी को देखकर शनि देव को शरारत करने की सूझी| इसलिए वे हनुमान जी के कार्य में विघ्न डालने के लिए...

शनिवार को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए

शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है| शनि देव को बहुत जल्दी क्रोध आ जाता है| माना जाता ही कि शनि देव सबको कर्मों के हिसाब से फल देते हैं तथा किसी के कर्म को क्षमा नहीं करते| जो जैसा कर्म करेगा उसे शनि देव द्वारा वैसा ही...

श्री राम नहीं करना चाहते थे अपनी पत्नी सीता जी का त्याग

रामायण में श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है| किन्तु फिर भी श्री राम की कई बार आलोचना की जाती है कि उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी का त्याग कर उन्हें वन में भेज दिया था| परन्तु ऐसा क्या हुआ कि अपनी पत्नी को इतना प्रेम करने के पश्चात् भी श्री राम...

इस मंत्र का जप करने से हो सकती है भगवान शिव की प्राप्ति

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हमें ज्यादा मेहनत करने की आवश्यकता नहीं होती है| सभी देवताओं में से भगवान शिव ही एक ऐसे देवता हैं जो केवल जल अर्पित करने से ही प्रसन्न हो जाते हैं और मनचाहा वरदान प्रदान करते हैं| यदि आप भगवान शिव की प्राप्ति...

धर्मराज युधिष्ठिर को नरक के दर्शन करते हुए जाना पड़ा था स्वर्ग लोक

युधिष्ठिर पाण्डु के पांचो पुत्रों में से सबसे बड़े थे| युधिष्ठिर को धर्मराज के नाम से भी जाना जाता है| युधिष्ठिर को उनके मानवीय गणों के कारण ही धर्मराज का दर्जा दिया गया है| युधिष्ठिर सत्यवादिता एवं धार्मिक आचरण के लिए विख्यात हैं| पांचो पांडवों में युधिष्ठिर ही केवल ऐसे थे...

रामायण में श्री राम की सहयता करने वाले जामवंत ने महाभारत में किया था...

रामायण में जिन्होंने श्री राम की लंका युद्ध में सहायता की थी| उनमें से एक जामवंत भी थे| जामवंत रामायण के उन पात्रों में से एक हैं जिनकी उपस्थिति महाभारत काल में भी पायी गयी है| रामायण काल में जहां जामवंत ने विष्णु जी के अवतार श्री राम की रावण...

क्यों विराजते हैं नंदी शिवलिंग के सामने

आपने अक्सर देखा होगा कि भगवान शिव के मंदिर में उनकी मूर्ति के आगे नंदी जी विराजमान होते हैं तथा भगवान शिव की पूजा करने के बाद नंदी जी की पूजा की जाती है| नंदी जी को भगवान शिव का वाहन माना जाता है| नंदी जी हमेशा भगवान शिव की धुन...

हनुमान बाहुक पाठ से पाएं शारीरिक रोगों से मुक्ति

हनुमान बाहुक का पाठ हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिया किया जाता है| हनुमान बाहुक का निरन्तर पाठ करने से मनोवांछित मनोरथ की प्राप्ति होती है| शारीरिक रोगों के अतिरिक्त और भी सब प्रकार की लौकिक बाधाएँ इस स्तोत्र से निवृत होती हैं| इससे मानसरोग मोह, काम, क्रोध, लोभ एवं राग-द्वेष...

घर के मंदिर में यह मूर्तियां अवश्य होनी चाहिए

घर में मंदिर होना बहुत आवश्यक होता है| क्योंकि मंदिर के घर में होने से घर में सकरात्मक ऊर्जा आती है तथा यह घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को आने नहीं देता| इसीलिए हिन्दू धर्म में मंदिर को घर की आत्मा कहा जाता है| इसलिए हमें...

द्रोपदी ने क्यों कहा कि भीम ही है मेरा सच्चा पति

द्रोपदी द्रुपद नरेश की पुत्री थी| अपनी पुत्री के विवाह के लिए द्रुपद ने स्वयंवर का आयोजन किया| उस समय पांडव वनवास व्यतीत कर रहे थे| स्वयंवर में धनुषकला की प्रतियोगता का आयोजन किया गया था| इस प्रतियोगिता में मछली को बिना देखे मछली की आँख को बाण से...