धर्म

Hinduism is the World’s most sacred and the oldest religion. Hinduism is a way of life and is often called as the eternal law beyond human origins. Hindu practices include rituals such as worship and recitations, meditation, family-oriented rites of passage, annual festivals, and pilgrimages. Every Hindu should follow honesty, ahimsa, patience, forbearance, self-restraint, compassion….

कृष्ण ने सुर्यपुत्र कर्ण के वध में इंद्रपुत्र अर्जुन का साथ क्यूँ दिया था

महाभारत की कथा अपने आप में कई रहस्य समेटे हुए है कुछ रहस्यों के बारे में बहुत कम लोगों को पता है| जैसे की कर्ण सुर्यपुत्र थे फिर भी विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने कर्ण का वध करने में देवराज इंद्र के धर्मपुत्र अर्जुन का साथ क्यूँ दिया?...

देवी सीता के जन्म की अनमोल कथा

रामायण में देवी सीता को जानकी भी कहा गया है| देवी सीता के पिता का नाम जनक था| सीता जी उनकी गोद ली हुई पुत्री थी| आईए जानते हैं कि देवी सीता का जन्म कैसे हुआ| वाल्मीकि रामायण के अनुसार एक बार राजा जनक धरती जोत रहे थे| तब राजा...

रामराज्य के ऐसे फैसले जिन्हे जानकर आप हैरान रह जाएंगे

लंका युद्ध के बाद जब श्री राम अयोध्या लौटे तो उनके राज्याभ‌िषेक के बाद रामराज्य शुरू हुआ| रामराज्य के समय की ऐसी कथाएं प्रचलित हैं जिनके अनुसार राज्य में प्रकृत‌ि अनुकूल चलती थी| प‌िता के जीव‌ित रहते हुए कभी पुत्री की मृत्यु नहीं होती थी| हर तरफ केवल सुख और शांति का माहौल...

क्यों लपेटा जाता है कान पर जनेऊ और क्यों बाँधी जाती है शिखा

हिन्दू धर्म में अनेक मान्यताओं को माना जाता है| हर मान्यता का अपना ही एक महत्व है| इनमें से एक मान्यता है जनेऊ धारण करना और श‌िखा बांधना| शास्त्रों के अनुसार जनेऊ धारण करने वाले को शौच कर्म के समय कान पर जनेऊ लपेटकर रखना चाह‌िए| जबकि शिखा को हमेशा बांधकर...

यह चीजें चढ़ाने से हो जाते है शिव जी नाराज

कहते हैं भगवान शिव अपने भक्तों की पुकार बहुत जल्दी सुन लेते हैं| यदि सोमवार के दिन भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा व अराधना की जाए तो मनुष्य को जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिल सकती है| माना जाता है कि नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाने...

फर्श पर बैठकर न करें कभी पूजा

हिन्दू धर्म में घरों में मंदिर पर विशेष ध्यान दिया जाता है| परन्तु केवल घर में मंदिर बनाना ही पर्याप्त नहीं है| हमें घर के मंदिर में बहुत सारी बातों का ध्यान रखना पड़ता है| अक्सर लोग अधिकतर दिशा और खुली जगह देखकर उस स्थान को पूजाघर में बदल देते हैं|...

हनुमान जी की पूजा से शांत रहते हैं शनिदेव

हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या, शौर्य और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार अगर किसी भी संकट या परेशानी में हनुमानजी को याद किया जाए तो वह विपदा को हर लेते हैं और इसीलिए उन्हें संकटमोचन कहा गया है। बजरंग बली ने शनि महाराज को कष्टों...

गरूडपुराण के अनुसार किन लोगों के घर भोजन करना वर्जित है

हमारे रोजमर्रा का भोजन हमारे जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है गरुडपुराण में भी वर्णित है की किसके घर में भोजन करना चाहिए और किसके घर में नहीं| अगली बार जब भी आप कहीं भोजन करने जाएँ तो जांच परख ले की वहां भोजन करना उचित है या...

आखिर क्यों सुदर्शन चक्र देवी देवताओं के लिए इतना महत्वपूर्ण है? क्या है इसको...

शास्त्रों में बताया गया है कि चक्र आकार में चाहे छोटा होता है| परन्तु यह देवी - देवताओं का सबसे अचूक अस्त्र माना जाता है| सभी देवी - देवताओं के पास अपने -अपने चक्र हैं| जैसे भगवान शिव के पास भवरेंदु नाम का चक्र है| विष्णुजी के चक्र का नाम कांता चक्र और देवी...

ऐसे हुई भीम की हनुमान जी से मुलाकात

कौरवों के साथ चौसर का खेल खेलते हुए एक मुकाबले में हार जाने से पांडवों को 12 वर्ष का वनवास और 1 वर्ष का अज्ञातवास मिला था| वनवास मिलने के बाद सभी पांडवों ने धृतराष्ट्र की आज्ञा ली और वन की और प्रस्थान किया| धृतराष्ट्र को अपने पुत्रों द्वारा किये हुए कार्य...

एक ऋषि के वरदान ने की थी द्रौपदी की चीरहरण से रक्षा – शिवपुराण

महाभारत में एक प्रसंग आता है जब कौरव द्रौपदी का चीर हरण करते हैं| हम सभी जानते हैं कि उस समय श्री कृष्ण ने द्रोपदी को भरी सभा में बेइज्जत होने से बचाया था| परन्तु शिवपुराण के अनुसार दुर्वासा ऋषि के वरदान के कारण ही श्री कृष्ण ने द्रोपदी...

रामायण तथा महाभारत दोनों में मौजूद थे ये पात्र

यदि हम रामायण और महाभारत दोनों की बात करें तो हमें इनमें कोई समानता नहीं दिखती है| क्योंकि यह दोनों अलग-अलग काल की घटनाएँ हैं| परन्तु क्या आप जानते हैं कि महभारत तथा रामायण में कुछ ऐसे पात्र हैं जो दोनों में समान रूप से पाए जाते हैं| इनका उल्लेख वेदों तथा...

श्री राम के जन्म की कथा

भगवान श्री राम के बारे में हम हिन्दू धर्म के पवित्र ग्रंथों जैसे - रामायण और रामचरित मानस में पढ़ सकते हैं| रामचरितमानस की रचना तुलसी दास जी ने की| उन्होंने श्री राम को ईश्वर के रूप में चित्रित किया जबकि आदिकवि वाल्मीकि ने अपने रामायण में श्री राम को...

क्या युधिष्ठर को आभास था की कलयुग में क्या होगा?

पाण्डवों का अज्ञातवाश समाप्त होने में कुछ समय शेष रह गया था। पाँचो पाण्डव एवं द्रोपदी जंगल मे छूपने का स्थान ढूंढ रहे थे, उधर शनिदेव की आकाश मंडल से पाण्डवों पर नजर पड़ी शनिदेव के मन में विचार आया कि इन सब में बुद्धिमान कौन है परिक्षा ली जाय। शनिदेव...

हनुमान जी का चमत्कारी साबर मंत्र करता है आपकी रक्षा

राम भक्त हनुमान जी की अराधना करने से सब कष्टों से मुक्ति मिलती है| वैसे तो हनुमान जी सदैव अपने भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं| लेकिन यदि आपको डर लग रहा है या आपको कोई भूत - प्रेत का खतरा नजर आ रहा है या आप जंगल में कहीं...

देवी सीता को भी उठाने पड़े थे हथियार

एक बार भगवान श्री राम अपनी राजसभा में विराजमान थे| उसी समय वहां विभीषण का आगमन हुआ| विभीषण बहुत चिंतित और भयभीत लग रहे थे| सभा में पहुँच कर उन्होंने श्री राम को प्रणाम किया और कहने लगे कि हे प्रभु, मेरी और लंका की प्रजा की रक्षा कीजिए| कुम्भकर्ण का...

श्री राम ने दिया था अपने भक्त हनुमान को यह वरदान

पवन पुत्र हनुमान जी भगवान श्री राम के बहुत बड़े भक्त हैं| हनुमान जी की तरह श्री राम को भी अपने भक्त हनुमान से बहुत लगाव था| रामायण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि जब से हनुमान जी का प्रभु श्री राम से मिलाप हुआ| तब से हनुमान...

इन बातों का ध्यान रखने से रह सकते हैं आप संकटो से दूर

क्या आप जानते हैं कि यदि आप हिन्दू यम और नियम के अनुसार अपना जीवन यापन करते तो जिंदगी में संकट नहीं आ सकते हैं| उपनिषद और गीता का बार - बार अध्य्यन करने से तथा उसका सार समझने से  दिमाग में विरोधाभास और द्वंद नहीं होता| यदि आप हिन्दू वास्तु...

देवी पार्वती ने भगवान शिव से कहा की उन्हें चाहिए अपना खुद का महल

एक बार की बात है देवी पार्वती जी का मन हुआ कि उनके पास भी एक महल होना चाहिए| उन्हें महसूस हुआ कि सभी देव अपने महलों में रहते है तो देवों के देव महादेव को भी महल में रहना चाहिए| यह सोचकर देवी पार्वती महादेव से हठ करने...

श्री राम की एक बहन भी थी शांता

श्री राम के पिता दशरथ अयोध्या के राजा थे| महाराज दशरथ की तीन रानियां थी - कौशल्या, कैकयी और सुमित्रा| भगवान श्री राम कौशल्या माता के पुत्र थे| अयोध्या के राजा दशरथ के चार पुत्र थे - राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न| परन्तु केवल कुछ लोग ही इस बात से अवगत...

क्यों हुआ पृथ्वी पर राधा जी का जन्म

राधा जी और श्री कृष्ण का प्रेम इतना गहरा था कि आज भी सब राधा जी को श्री कृष्ण की आत्मा कहकर पुकारते हैं| राधा जी का जन्म भाद्रपद महीने की शुक्लपक्ष की अष्टमी को हुआ था| जिस दिन राधा जी का जन्म हुआ, उस दिन को राधाष्टमी के नाम से जाना...

कौरवों के पैदा होने की कहानी

महाभारत का युद्ध पांडवो तथा कौरवों के मध्य हुआ था| पांडव पाण्डु के पुत्र थे और पांडव पांच भाई थे| पांडवो के जन्म की कथा से तो हम सब अवगत हैं| परन्तु बहुत कम लोग ऐसे हैं जिन्हे कौरवों के पैदा होने की कहानी के बारे में पता है| ज्यादातर...