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क्यों किया ब्रह्मा ने अपनी ही पुत्री से विवाह

ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचियता कहा जाता है| हम सभी जानते हैं कि ब्रह्मा जी की पत्नी विद्या की देवी सरस्वती हैं| परन्तु क्या आप जानते हैं कि सरस्वती जी ब्रह्मा की ही पुत्री हैं| हिन्दू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से दो ग्रंथ हैं - ‘सरस्वती पुराण’ और ‘मत्स्य...

श्रवण कुमार अपने माता पिता की सेवा के लिए क्यों जाने जाते हैं?

श्रवण कुमार अपने माता - पिता की सेवा के लिए जाने जाते हैं| वाल्मीकि रामायण के अयोध्याकाण्ड के 64वें अध्याय में श्रवण कुमार की कथा मिलती है| श्रवण कुमार के माता - पिता अंधे थे| इस कथा के अनुसार श्रवण कुमार की पत्नी उनके माता - पिता को पसंद नहीं करती थी...

देवी लक्ष्मी से जुड़ी कुछ रोचक बातें

देवी लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है| शास्त्रों में बताया गया है कि धन की देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी हैं| लक्ष्मी जी का प्रतीक च‌िन्ह अक्षय कलश है| यह कलश उनके हाथों में हमेशा होता है| इस कलश द्वारा लक्ष्मी जी धन की वर्षा करती रहती हैं| उल्लू को लक्ष्मी...

किस एक पाप के कारण युधिष्ठिर को नर्क देखना पड़ा

द्रोणाचार्य एक बहुत वीर योद्धा थे| महाभारत के युद्ध के समय उन्होंने बहुत वीरता दिखाई और युद्ध भूमि में उनके रणकौशल को देखकर पांडव-सेना के बड़े-बड़े महारथी भी चिंतित हो उठे थे| द्रोणाचार्य के दिव्यास्त्रों से सभी भयभीत थे तथा उनके दिव्यास्त्रों के प्रयोग से पांडवों की पूरी सेना विचलित हो रही थी| इस...

क्यों कहते है कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली – क्यो मनाई जाती है देव...

कार्तिक पूर्णिमा सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्ठ  मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने देवलोक पर हाहाकार मचाने वाले त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। उसके वध की खुशी में देवताओं ने इसी दिन दीपावली मनाई थी। हर साल लोग कार्तिक पूर्णिमा के दिन...

कैसे आया स्वर्ग का पेड़ धरती पर?

शास्त्रों में परिजात वृक्ष को स्वर्ग का पेड़ कहा गया है| परिजात वृक्ष को हमारे शास्त्रों में सर्वोत्तम स्थान प्राप्त है| परिजात वृक्ष के फूलों को लक्ष्मी तथा भगवान शिव की पूजा में प्रयोग किया जाता है| आयुर्वेद में परिजात वृक्ष को हारसिंगार कहा जाता है| आयुर्वेद में इसे औषधि के रूप में देखा...

सर्वोत्तम लाभ के लिए सोमवार को करें शिव जी की पूजा

सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी ईश्वर की पूजा, भक्ति और व्रत के लिए होता हैं पर सोमवार का दिन हिन्दू धर्म परंपराओं के अनुसार भगवान शिव को समर्पित है। माना जाता है कि शिवजी की भक्ति हर पल ही शुभ होती है। सच्चे मन से पूजा की...

महाभारत युद्ध के दौरान श्री कृष्ण क्यों खाते थे हर दिन मूंगफली

श्री कृष्ण के कारण ही महाभारत का युद्ध पांडवों के हित में रहा| युद्ध के समय श्री कृष्ण ने अनेक लीलाएं रची और पांडवों को युद्ध में विजय दिलवाई| इन लीलाओं में से एक लीला थी श्री कृष्ण का महाभारत के युद्ध के समय हर दिन मूंगफली खाना| श्री कृष्ण के...

देवी सीता के जन्म की अनमोल कथा

रामायण में देवी सीता को जानकी भी कहा गया है| देवी सीता के पिता का नाम जनक था| सीता जी उनकी गोद ली हुई पुत्री थी| आईए जानते हैं कि देवी सीता का जन्म कैसे हुआ| वाल्मीकि रामायण के अनुसार एक बार राजा जनक धरती जोत रहे थे| तब राजा...

साड़ी के टुकड़े – संत कबीर दास की कथा

एक समय की बात है एक नगर में अत्यंत शांत, नम्र तथा वफादार जुलाहा रहता था| उस जुलाहे ने अपने जीवन में कभी क्रोध नहीं किया था| उस नगर के कुछ लड़कों ने मिलकर सोचा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि किसी व्यक्ति को गुस्सा न आए| यह सोचकर...

समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कभी नही मिलता

एक सेठ जी थे  - जिनके पास काफी दौलत थी। सेठ जी ने अपनी बेटी की शादी एक बड़े घर में की थी। परन्तु बेटी के भाग्य में सुख न होने के कारण उसका पति जुआरी, शराबी निकल गया। जिससे सब धन समाप्त हो गया। बेटी की यह हालत...

पूरी दुनिया में सबसे बड़ा बल कौनसा है?

एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया । वह बैल घण्टों ज़ोर-ज़ोर से रोता रहा, किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं। आखिरकार उसने निर्णय लिया कि बैल काफी बुढ़ा हो चुका है, उसे बचाने से कोई लाभ...

देवी सीता को भी उठाने पड़े थे हथियार

एक बार भगवान श्री राम अपनी राजसभा में विराजमान थे| उसी समय वहां विभीषण का आगमन हुआ| विभीषण बहुत चिंतित और भयभीत लग रहे थे| सभा में पहुँच कर उन्होंने श्री राम को प्रणाम किया और कहने लगे कि हे प्रभु, मेरी और लंका की प्रजा की रक्षा कीजिए| कुम्भकर्ण का...

दूसरे की समस्या का मज़ाक ना उड़ाए, हो सकता है कल आप उसी समस्या...

बहुत समय पहले की बात है एक गाँव था उस गाँव में एक चूहा किसान के घर में बिल बना कर रहता था| सब कुछ अच्छे से चल रहा था चूहे को किसान के घर में रोज कहीं न कहीं से अनाज मिल जाता था| उधर किसान और उसकी...

जो होता है अच्छे के लिए होता है 

एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान-आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे, एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बन कर खड़ा हो जाता हूं, आप मेरा रूप धारण कर घूम आओ l भगवान मान जाते हैं, लेकिन शर्त रखते हैं कि जो भी लोग प्रार्थना करने...

जब देवी जगदम्बा के क्रोध को संभालने के लिए भक्त ने किया अपने शीश...

बहुत समय पहले की बात है भोजपुर जो की अभी के समय में गोपालगंज के नाम से जाना जाता है| वहां हथुआ नामक स्थान पर राजा मननसिंह का राज था मननसिंह वैसे तो बड़ा ही अच्छा शाशक था परन्तु उसके बारे में यह विख्यात था की वह स्वयं को...

इसलिए राधा का नाम लिया जाता है श्री कृष्ण से पहले – radha krishna...

जब भी श्री कृष्ण और राधा जी की बात होती है तो सबसे पहले राधा का नाम लिया जाता है| इनके भक्त इन्हे राधा कृष्ण कहकर पुकारते हैं| श्री कृष्ण से पहले राधा जी का नाम लेने के पीछे भी एक रहस्य है| इसका जिक्र स्वयं भगवान श्री कृष्‍ण ने...

स्कन्दपुराणोक्त श्री श्याम देव खाटू श्याम जी कथा

प्रेमियों, कौन हैं श्याम बाबा? किस कुल में उत्पन्न हुए? क्यों कलयुग के प्रधान देव कहलाये? उन्हें मोरवीनंदन क्यों कहा जाता है? ऐसे कई जिज्ञाषा भरे प्रश्न श्यामबाबा खाटूवाले के विषय में श्यामभक्तो के मन में उभरते है... श्री मोरवीनंदन खाटूश्याम जी की शास्त्रसम्मत दिव्य कथा का वर्णन स्वयं...

महाभारत युद्ध के आखिरी दिन ऐसा क्या हुआ जो अर्जुन के होश उड़ गए

महाभारत के युद्ध के समय श्री कृष्ण अर्जुन के रथ के सारथी थे| युद्ध के समय अर्जुन का बाण जैसे ही कर्ण की तरफ छूटता था, कर्ण का रथ कोसों दूर चला जाता था और जब कर्ण का बाण अर्जुन के रथ की तरफ छूटता था तो अर्जुन का रथ सात कदम...

The Story of Maharishi Dadhichi

Dadhichi, also known as Dadhyancha, is an important character in Hindu mythology. He was one of the greatest devotees of Lord Shiva. It is believed that after Shiva had been separated from Shakti, he had kept himself all alone in a jungle and on an annual festival of Maha...

भगवान शिव की बहन असावरी देवी के उतपन्न होने की कथा

जब भगवान शिव का देवी पार्वती से विवाह हुआ तो वह खुद को घर में बहुत अकेला महसूस करती थी| क्योंकि भगवान शिव ज्यादातर ध्यान में मगन रहते थे| इसलिए देवी पार्वती के मन में इच्छा पैदा हुई कि सबकी तरह उनकी भी एक ननद होनी चाहिए थी| जिसके...

आखिर क्यों अपनी ही माता का वध किया था परशुराम ने

परशुराम जी के पिता का नाम जमदग्नि तथा माता का नाम रेणुका था| परशुराम जी के चार बड़े भाई थे| सब भाईयों में परशुराम जी ही सबसे अधिक गुणी तथा बुद्धिमान थे| भगवान परशुराम को विष्णु जी का आवेशावतार माना जाता है| एक दिन परशुराम जी की माता रेणुका हवन हेतु गंगा तट पर जल...