कौन जाएगा स्वर्ग और कौन नर्क

निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है

ईश्वर की मर्जी में रहें खुश

जीवन की हर समस्या में हमें धैर्य और विवेक से काम लेना चाहिए

जीवन में किया गया कोई भी बदलाव छोटा या बड़ा नही होता

होनी को कोई नहीं टाल सकता: जो होना है वो हो कर ही रहेगा

दीन दुखियों की सेवा ही असली सेवा है

माता पिता निस्वार्थ प्रेम और त्याग के बदले सिर्फ प्रेम की अपेक्षा रखते हैं

चिड़ियों से मैं बाज लडाऊं , गीदड़ों को मैं शेर बनाऊ

लक्ष्मण जी ने श्री राम के लिए किया था एक ऐसा त्याग जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते

शिव के पहले ज्योतिर्लिंग की स्थापना क्यों और किसने की थी

14 वर्ष के वनवास में प्रभु श्री राम कहां-कहां रहे

मौत के बाद क्या आखिर होता क्या है? जब बुद्ध से पूछा गया ये सवाल तो उन्होंने समझाया रहस्य

खुशी तुम्हारे अन्दर है, लेकिन तुम उसे पैसे और बाहरी वस्तुओं में ढूंढ रहे हो

हमारे जीवन में काले बिंदु का स्थान बहुत छोटा है