भगवद गीता (पुरुषोत्तमयोग- पंद्रहवाँ अध्याय : श्लोक 1 – 20)

अथ पञ्चदशोऽध्यायः- पुरुषोत्तमयोग (संसार वृक्ष का कथन और भगवत्प्राप्ति का उपाय) श्रीभगवानुवाच ऊर्ध्वमूलमधः शाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम्‌ । छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित्‌ ॥ भावार्थ : श्री भगवान बोले- आदिपुरुष… Read more »

पूजा में इन चीजों के उपयोग से रूठ जाती हैं देवी लक्ष्मी

शास्त्रों में देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई गयी हैं। देवी लक्ष्मी की पूजा के समय इन बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। अगर पूजा के समय इन… Read more »

मंगलवार व्रत कथा – सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र-प्राप्ति के लिए

हनुमान जी तो सब के प्रिये हैं, और सब हनुमान जी को प्रिये हैं| जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान् हनुमान जी को याद करता है, प्रभु उस का… Read more »

लक्ष्मण जी ने श्री राम के लिए किया था एक ऐसा त्याग जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते

आप सब ने रामायण के अनेक प्रसंग सुने होंगे। परन्तु आज हम जो प्रसंग आप को बताने जा रहे हैं उसके बारे में बहुत कम लोगों को ज्ञात होगा। हनुमान… Read more »

श्री राम चालीसा

भगवान श्री राम को श्री विष्णु का सातवाँ (7) अवतार माना जाता है। श्री राम, रामायण के मुख्य पात्र हैं। भगवान राम की पत्नी का नाम देवी सीता है। श्री… Read more »

भगवद गीता (गुणत्रयविभागयोग- चौदहवाँ अध्याय : श्लोक 1 – 27)

अथ चतुर्दशोऽध्यायः- गुणत्रयविभागयोग (ज्ञान की महिमा और प्रकृति-पुरुष से जगत्‌ की उत्पत्ति) श्रीभगवानुवाच परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानं मानमुत्तमम्‌ । यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥ भावार्थ : श्री भगवान… Read more »

मंगलवार को हनुमान जी को इन छोटे छोटे उपायों से करें प्रसन्न

मंगलवार का दिन बजरंग बलि हनुमान को समर्पित है इस दिन अगर उनकी पूजा सच्चे मन और सही भावना से आस्था के साथ की जाए तो मनवांछित फल शीघ्र ही… Read more »

शिव के पहले ज्योतिर्लिंग की स्थापना क्यों और किसने की थी

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है जो की गुजरात के सौराष्ट्र में मौजूद है| शिव पुराण के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव… Read more »

भगवद गीता (क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग- तेरहवाँ अध्याय : श्लोक 1 – 34)

अथ त्रयोदशोsध्याय: श्रीभगवानुवाच (ज्ञानसहित क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ का विषय) श्रीभगवानुवाच इदं शरीरं कौन्तेय क्षेत्रमित्यभिधीयते। एतद्यो वेत्ति तं प्राहुः क्षेत्रज्ञ इति तद्विदः॥ भावार्थ : श्री भगवान बोले- हे अर्जुन! यह शरीर ‘क्षेत्र’ (जैसे… Read more »

भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

भगवान् शिव सभी को प्रिय हैं और भारत में लगभग हर राज्य में उन्हें पूजा जाता है परन्तु आप शायद ही जानते होंगे की भगवान् शिव की पूजा करते हुए… Read more »

देवी लक्ष्मी चालीसा : धन और वैभव की प्राप्ति के लिए करें लक्ष्मी चालीसा पाठ

हिन्दू धर्म में लक्ष्मी देवी की बहुत मान्यता है। देवी लक्ष्मी को धन, वैभव और संपन्नता का प्रतीक माना गया है। देवी को पूजने के कई तरीके हैं, जिनमें से… Read more »

14 वर्ष के वनवास में प्रभु श्री राम कहां-कहां रहे

श्रीराम को 14 वर्ष का वनवान हुआ। इस वनवास काल में श्रीराम ने कई ऋषि-मुनियों से शिक्षा और विद्या ग्रहण की, तपस्या की और भारत के आदिवासी, वनवासी और तमाम… Read more »