क्या है बुलेट मोटर साईकिल नंबर आर एन जे- 7773 के पीछे का रहस्य?

हमारे देश हिन्दुस्तान के बात ही निराली है यहाँ के रीती रिवाज और घटनाएं बड़ी ही रोचक तो हैं ही साथ ही कई ऐसे भी राज़ हैं जिनपर विश्वास नहीं हो पाता है| ऐसी ही एक अनसुलझी गुत्थी है राजस्थान के पाली शहर के नजदीक स्थित चोटिल गाँव के श्री ॐ बन्ना की| राजस्थान में युवा लड़कों को प्यार से बन्ना कह कर पुकारा जाता है| और श्री ॐ बन्ना की ख्याति सिर्फ राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में फैली हुई है| श्री ॐ बन्ना को लोग कई नामों से जानते है जैसे ओम बन्ना, ॐ बन्ना, बुलेट मोटर साईकिल वाले राठौड बन्ना, चोटिला राजा और बुलेट वाले बाबा| आज भी श्री ॐ बन्ना और उनके बुलेट को बड़ी ही श्रद्धा के साथ पूजा जाता है| और ऐसी मान्यता है की जब से वहां श्री ॐ बन्ना की मोटरसाईकिल वहां पर स्थित मंदिर में विराजमान की गई है तब से आज तक कोई भी बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है|

ओम बन्ना पाली शहर व वहां स्थापित देवस्थान के पास ही स्थित चोटिला गांव के मूल निवासी थे |ओम बन्ना ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के पुत्र थे और उनका इसी स्थान से जोधपुर व अन्य जगह रोज बुलेट मोटर साईकिल से आना जाना से होता रहता था | ॐ बन्ना कही पर भी अपनी बुलेट मोटर साईकिल के अलावा किसी दुसरे वाहन से आते जाते नहीं थे|

बात सन 1988 की है जब एक दिन ओम बन्ना अपनी प्यारी बुलेट पर सवार होकर जा रहे थे वो अष्टमी का दिन था और इसी दौरान एक भयंकर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गयी और जहाँ ये दुर्घटना हुई थी वहां आज ओम बन्ना का मंदिर बना हुआ है| लोग बताते हैं जब पुलिस वाले उनकी बुलेट को थाने ले गए तो अगली सुबह उनकी बुलेट घटनास्थल पर वापिस खड़ी मिली लाख कोशिशों के बाद भी वो बुलेट अपने आप बार बार घटनास्थल पर आ जाती थी| तब जाकर लोगों ने ओम बन्ना का मंदिर बना दिया| और तब से आज तक वहां कोई भी बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है|

ओम बन्ना का यह स्थान जोधपुर से चलकर अहमदाबाद की और के NH65 पर जोधपुर शहर से लगभग 45 किमी की दुरी पर मुख्य सड़क पर ही स्थित है यहाँ से पाली जिला मुख्यालय लगभग 20 किमी दूर जाता है| राष्ट्रिय राजमार्ग के इस स्थान पर सड़क के किनारे में चढ़ावे व पूजा अर्चना के सामान से सजी धजी दुकाने दिखाई पड़ती है व वही नजर आता है जातरुओ की श्रद्धासे घिरा एक देवस्थल जिसके ऊपर एक विशाल ओम सिंह राठौड़ (ओम बन्ना) की अश्वारुढ प्रतिमा व फोटो लगी है और साथ ही नजर आती दिव्य अखंड ज्योत जहाँ भक्तों के चढ़ावे, घर से लाये पकवानों और नारियल आदि को चढ़ाकर भोग लगाया जाता है, साथ में लाई गई फूल मालाओ और पुष्पों को वहा अवस्थित बुलेट मोटर साईकिल नंबर आर एन जे- 7773 पर चढ़ाया जाता है और इसके साथ अपने व अपने प्रियजनों के किसी भी वाहन और दुसरे वाहनों से किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओ के कभी न होने की मन्नत मांगी जाती है|

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