किस भगवान का वाहन हमें क्या सिखाता है?

मनुष्य भगवान् के व्यक्तित्व से बहुत सारी काम की बातें सीख सकता है लेकिन शायद ही आप को ये पता हो की भगवान् की सवारी भी हमें बहुत सारी चीज़ें सिखाती हैं| तो आइये जानते हैं की कैसे हम भगवान् के वाहन से अच्छी चीज़ें सीख सकते हैं|

देवी दुर्गा

देवी दुर्गा शेर पर सवार रहती हैं और सभी जानते हैं की शेर सभी जानवरों पर राज करता है| राजा में बहादुरी तथा दृढ़ता का होना बहुत आवश्यक है| शेर हमेशा ही अपना शिकार खुद करके खाना पसंद करता है और जैसा की हमें पता हैं की किसी का भी शिकार करना कितना मुश्किल और मेहनत का काम है| अतः हम शेर से उसकी मेहनत का गुण ले सकते हैं हमें भी शेर की तरह ही अपने मेहनत से कमाए धन से जीवन यापन करना चाहिए|

देवी सरस्वती

देवी सरस्वती का वाहन हंस है हंस सफ़ेद रंग का होता है और सभी जानते हैं की सफ़ेद रंग को शांति का प्रतिक माना जाता है| हंस कठिन से कठिन घडी में भी शांत रहता है और बड़े ही धैर्य का परिचय देते हुए सही वक़्त आने का इन्तजार करता है| हम उससे शांति और धैर्य का गुण ले सकते हैं इन गुणों को अपना कर कोई भी मनुष्य जीवन में सर्वाधिक सफलता को प्राप्त कर सकता है|

कार्तिकेय
शिव पुत्र कार्तिकेय बड़े ही साहसी हैं और इसी कारण से उन्हें देवताओं का सेनापति भी बनाया गया था| कार्तिकेय का वाहन मोर है मोर बड़ा ही सुन्दर पक्षी है तथा उसकी सुन्दरता के आगे ब्रम्हांड का कोई भी पक्षी दूर दूर तक नहीं टिक सकता| मोर की सुन्दरता हमें मन की सुन्दरता पाने को प्रेरित करती है क्योंकि सुन्दर मन वालों की हर जगह पूछ होती है अगर मन सुन्दर होगा तो तन की सुन्दरता नहीं होने पर भी व्यक्ति प्रिय ही लगता है|

गणेश

भगवान् गणेश शिवजी के पुत्र हैं और कार्तिकेय के छोटे भाई भी हैं गणेश जी को बुद्धि का देवता माना जाता है उनका वाहन चूहा है| चूहा बड़ा ही तेज और फुर्तीला होता है साथ ही वो हर कदम बड़ा सोच समझ कर रखता है हमें भी चूहे की तरह हर काम सोच समझ कर और फुर्ती के साथ करना चाहिए| ऐसा करने पर हम अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त कर सकते हैं|

देवी लक्ष्मी

देवी लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं तथा उनका वाहन उल्लू है उल्लू में एक बड़ी ही विलक्षण क्षमता होती है| वह एक मात्र ऐसा पक्षी है जो अँधेरे में दूर दूर तक साफ़ साफ़ देख सकता है यानि की उसकी दूरदृष्टि बड़ी अच्छी होती है| उल्लू की तरह ही अगर कोई मनुष्य वर्तमान में जीते हुए भी भविष्य के लक्ष्य के बारे में सजग रहता है तो सफलता निश्चय ही उसके कदम चूमती है|

भगवान् कल्कि

भगवान् कल्कि घोड़े पर सवार रहते हैं और जैसा की हम जानते हैं की घोडा सदा ही गतिमान रहता है| हम भी घोड़े से ये सीख सकते हैं की हमें जीवन में सदा गतिमान रहना चाहिए| कहा भी गया है की चलना ही जिन्दगी है और जो रुक गया वो कभी आगे नहीं बढ़ सकता|

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