भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

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भगवान् शिव सभी को प्रिय हैं और भारत में लगभग हर राज्य में उन्हें पूजा जाता है परन्तु आप शायद ही जानते होंगे की भगवान् शिव की पूजा करते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है| साफ़ मन से पूजा करना जरूरी होता है चाहे भगवान् शिव की पूजा हो या किसी और देवता की पूजा आस्था होनी चाहिए| अगर अपने ईस्ट देव के प्रति आस्था नहीं होगी तो फल भी नहीं मिलेगा साथ ही कई बारी पूजा के दौरान की गयी छोटी छोटी चीज़ें भी घातक हो सकती हैं| सोमवार का दिन भगवान् शिव को समर्पित है और इस दिन की गयी उनकी पूजा विशेष फलदायक होती है भगवान् भोलेनाथ अपने भक्तों की पुकार जल्दी सुन लेते हैं| अगर आप भी भगवान् शिव के उपासक हो तो उनकी पूजा करते समय इन बातों का ख़ास ख़याल रखना चाहिए|

भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

बेल पत्र

बेल पत्र भगवान् शिव को बहुत प्रिय है उनकी पूजा में बेल पत्र का विशेष स्थान है अगर शिव की अराधना में बेल पत्र का चढ़ावा चढ़ाया जाए तो भगवान् भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं| परन्तु इस बात का ध्यान अवश्य रखे की बेल पत्र सुखा या फिर कटा फटा न हो क्योंकि शिवलिंग पर खंडित वस्तुएं चढ़ाना वर्जित है और ऐसा करने पर दुष्परिणाम हो सकता है|

भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

तुलसी के पत्ते

तुलसी के पत्ते हर पूजा में इस्तेमाल किये जाते है परन्तु शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते कभी नहीं चढाने चाहिए| अगर गलती से भी शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते चढ़ाए जाएँ तो घर में कलह की स्थिति पैदा हो सकती है|

भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

हल्दी

हल्दी का उपयोग हर मांगलिक कार्य में और हर देवता की पूजा में किया जाता है परन्तु शायद ही आप ये जानते होंगे की शिवलिंग पर हल्दी का प्रयोग वर्जित है इसके स्थान पर पीले चन्दन का लेप चढ़ाया जा सकता है|

भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

केतकी के फूल

तुलसी की तरह ही केतकी वृक्ष के फूल भी शिवलिंग पर अर्पित नहीं करने चाहिए पुरानो में एक कथा मिलती है जिसके अनुसार भगवान् शिव ने केतकी के वृक्ष को श्राप दिया था की उससे उत्पन्न कोई भी चीज़ उनकी पूजा में वर्जित होगी|

भगवान् शिव की पूजा करते समय अवश्य रखे इन बातों का ध्यान

कुमकुम

शिवलिंग पर कभी भी कुमकुम का तिलक नहीं करना चाहिए कुमकुम के बजाये शिवलिंग पर चन्दन का तिलक करना लाभप्रद होता है| भगवान् शिव को नीलकंठ भी कहा जाता है उन्होंने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था और उस विष की ऊष्मा इतनी ज्यादा थी की धरती पर गिरी कुछ बूँदें सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों की उत्पत्ति का कारण बना| जैसा की हमें पता है की चन्दन शीतलता प्रदान करता है और उसी शीतलता वाले गुण की वजह से भगवान् शिव को चन्दन का लेप अति प्रिय है|

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