हथेली में यह न‌िशान होते हैं अकाल मृत्यु का सूचक

यदि हम अपनी हथेली देखें तो हमें उसमें बहुत से चिन्ह या आकर बनते दिखाई देते हैं। हमारी हथेली में दिखने वाले इन चिन्हों का अपना ही एक अर्थ होता है। इनमें से कुछ चिन्ह हमारे लिए शुभ होते हैं तथा कुछ अशुभ। समुद्रशास्त्र के अनुसार हमारी हथेली में कुछ ऐसे स्‍थान हैं जहां क्रॉस का च‌िन्ह होना अकाल मृत्यु या असमय मृत्यु का सूचक माना जाता है। परन्तु हमारी हथेली में कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां पर क्रॉस के चिन्ह होने से हमें शुभ फल मिलता है।

यदि आपकी हथेली में गुरु पर्वत पर क्रॉस च‌िन्ह है तो यह आपके लिए बहुत शुभ है। गुरु पर्वत पर यह चिन्ह होने से आपको श‌िक्ष‌ित और समझदार पत्नी मिलती है और वैवाह‌िक जीवन सुखमय रहता है। इन्हें ससुराल पक्ष से सहयोग एवं सहायता म‌िलती रहती है।

यदि आपकी विवाह रेखा पर क्रॉस का च‌िन्ह है तो आपके विवाह में कई तरह की बाधाएं आ सकती हैं। इन लोगों के वैवाह‌िक जीवन में तनाव रहता है।

यदि आपकी जीवन रेखा पर क्रॉस का च‌िन्ह है तो आपके जीवन में स्वास्‍थ्‍य को लेकर उतार चढ़ाव बने रहेंगे। जीवन रेखा के ज‌िस स्‍थान पर क्रॉस है आयु के उस भाग में मृत्यु तुल्य कष्ट भोगने होंगे।

जिन व्यक्तियों की हथेली में चन्द्रपर्वत पर क्रॉस च‌िन्ह है। उन्हें नदी, तालाब, समुद्र के आस-पास व‌िशेष सजग रहना चाह‌िए। क्योंक‌ि ऐसे व्यक्त‌ि की जल में डूबने की आशंका रहती है।

यदि आपकी हथेली में क्रॉस का च‌िन्ह शन‌ि पर्वत पर है तो यह आपके लिए बहुत ही अशुभ है। क्योंकि शन‌ि पर्वत पर क्रॉस का च‌िन्ह होने से अक्सर चोट लगती रहती है और अकाल मृत्यु की आशंका रहती है।

मंगल पर्वत पर क्रॉस का अर्थ है क‌ि व्यक्त‌ि को क‌िसी कारण जेल जाना पड़ सकता है। इन व्यक्तियों की आत्महत्या करने की आशंका रहती है। इनका अकाल मृत्यु का भी डर रहता है।

जिनके शुक्र पर्वत पर क्रॉस का न‌िशान है उन्हें प्रेम में असफलता म‌िलती है और बदनामी सहनी पड़ती है।

यदि आपकी यात्रा रेखा पर क्रॉस का चिन्ह है तो सावधानी से यात्रा करें। क्योंकि यात्रा रेखा पर क्रॉस के चिन्ह को यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने का सूचक माना गया है।

 

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