एक गौ की निस्वार्थ ममता ने दिया नया जीवन

एक दिन मंगलवार की सुबह वॉक करके रोड़ पर बैठा हुआ था,हल्की हवा और सुबह का सुहाना मौसम बहुत ही अच्छा लग रहा था,तभी वहाँ एक बड़ी गाडी आकर रूकी,…

एक दोहे ने बदल डाला कईयों का भविष्य!

एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में एक उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं…

सरस्वती, लक्ष्मी, पारवती – त्रिदेवी की गाथा

त्रिदेवी यानि माँ सरस्वती, माँ पार्वती और माँ लक्ष्मी जो त्रिदेव की पत्नियां हैं| आज हम इन्हीं के बारे में जानेंगे:- माँ सरस्वती  ब्रह्मा जी की पत्नी माँ सरस्वती के बारे में…

गर्दभ पर विराजमान, हाथ में कलश तथा झाड़ू पकड़े हुई शीतला माता की कथा

हिन्दू लेखों के अनुसार, धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं के बारे में बताया गया है| भारत देश में हिन्दू धर्म के लोग देवी-देवताओं में बहुत विश्वास रखते है| उनमे से एक…

प्रभु के घर में देर है अंधेर नहीं

एक अमीर ईन्सान था उसने समुद्र मे अकेले घूमने के लिए एक नाव बनवाई। छुट्टी के दिन वह नाव लेकर समुद्र की सैर करने निकला। अभी वह आधे समुद्र तक…

क्यों किया बर्बरीक ने अपने बाणों से पीपल के पत्तों में छेद

क्या आपको कभी सुनने को मिला है बर्बरीक के बारे में कि वह कौन था और उसकी   प्रचलित कथा क्या है? तो आइए जानते है इस प्रश्न का उत्तर| बर्बरीक, जिसे महाभारत में एक महान…

आखिर ऐसा क्या हुआ की बालब्रह्मचारी होते हुए भी हनुमान जी ने किया विवाह

हिन्दू धर्म के अनुसार, अंजनी पुत्र हनुमान जी वानर के मुख वाले अत्यंत बलशाली पुरुष थे| कंधे पर जनेऊ लटकाए और मात्र एक लंगोट पहने और एक स्वर्ण मुकुट एवं शरीर पर स्वर्ण आभुषण…

आखिर क्यों नर्मदा माँ ने हमेशा अविवाहित रहने का प्रण लिया

भारत में बहने वाली गोदावरी तथा कृष्णा नदी के बाद तीसरे स्थान पर सबसे लम्बी नदी आती है नर्मदा नदी| इस नदी को मध्य प्रदेश का विशेष हिस्सा माना जाता है| यह उत्तर और…

आखिर क्यों भगवान शिव के इस एक हाथ से बने मंदिर में नहीं की जाती पूजा

हमेशा सुनने को मिलता है कि अगर भगवान शिव की पूजा अर्चना सच्चे मन से की जाए तो वे हमारे कष्टों का निवारण करते है तथा हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते…

कुल्लू घाटी से कैसे जुड़ें हैं महादेव

कुल्लू भारत के हिमाचल प्रदेश में स्थित एक शहर है। कुल्‍लू का नाम पहले कुलंथपीठ था, इसका अर्थ है रहने योग्‍य दुनिया का अंत। कुल्‍लू घाटी भारत में देवताओं की घाटी रही है। मगर इसका…

स्वाहा- जिसके बिना कोई भी हवन सफल नहीं

हमने अक्सर देखा है की किसी भी शुभ कार्य पर हवन या यज्ञ किया जाता है| हवन के दौरान जितनी बार आहुति डलती है उतनी बार स्वाहा का उच्चारण होता…

क्या है कुम्भ मेले का इतिहास? क्यों आता है ये 12 वर्षों के बाद?

कुम्भ मेले के बारे में अक्सर लोग यह जानते हैं कि यह मेला हर 12 वर्षों में एक बार लगता है परन्तु ऐसा क्यों होता है, यह काफी कम लोग ही…