शाखा से निकलने वाला सामान्य स्वयंसेवक

शाखा से निकलने वाला सामान्य स्वयंसेवक जब राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर आसीन होकर राष्ट्रहित में कोई निर्णय लेता है !

उसका इतनी सहजता से प्रबंधन करता है तो उसमें उसी शाखा से आये गुणों का प्रतिबिंब दिखाई देता है।

यही संघ है, और यही सिखाया जाता है शाखा में!!!

एक प्रचारक से पूरी दुनिया सदमे में हे तो सोचो 3.5 करोड़ RSS कार्यकर्ताओं में कितने मोदी होंगे सोच के विपक्ष सदमे में हे।
जय मा भारती

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