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हिन्दू धर्म के बारे में जानना चाहते हो तो पढ़ो यह किताबें

दुनिया में सैकड़ों धर्म हैं लेकिन सबसे ज़्यदा शांतिप्रिए धर्म शुरू से एक ही रहा है और वह है हिन्दू धर्म। हिन्दू धर्म की शुरुवात हिंदुस्तान से ही हुई थी. आपको यह जानकार हैरानी...

खुश रहने और खुशी से जीवन बिताने के 40 तरीके

इस दुनिया को खुश रहने वाले व्यक्ति की जरुरत है फिर क्यू ना सबसे पहले हम ही एक ऐसा आदमी बन जाये जो अपना हर पल खुशी से बिताना जानता हो! hamesha khush kaise...

आप एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन क्या आप एक पुण्य आत्मा हैं?

एक औरत अपने बच्चे को एक संत व्यक्ति के पास लेकर गई। उसने संत से कहा, “मेरे डॉक्टर ने कहा है कि मेरे बेटे को मधुमेह है। इसलिये उसे मीठा नहीं खाना चाहिए। लेकिन...

क्यों मृत्यु नहीं है जीवन का अंत

मृत्यु का अर्थ है भौतिक शरीर से आत्मा का जुदा होना है। मृत्यु नये और बेहतर जीवन का एक प्रारंभिक बिन्दु बन जाता है। यह जीवन के उच्च रूप का द्वार खोलता है। यह...

रामकथा के इन घटनाक्रम से प्रेरणा लेकर इन्‍हें जीवन में आत्‍मसात करें

रावण वध कर, अयोध्या लौटने पर हम भगवान ​श्री राम के स्वागत में हर साल दीवाली का त्यौहार हर्षोउल्लास के साथ मनाते है। जबकि इसी उलट आज हम मुकाम हासिल करने के लिए एक...

लाइफ में इतनी शांति और स्थिरता कभी महसूस नहीं हुई जितनी आजकल हो रही...

लाइफ में इतनी शांति और स्थिरता कभी महसूस नहीं हुई जितनी आजकल हो रही है। न कुछ खरीदने की इच्छा न कहीं जाने की इच्छा। जेब में कुछ नहीं है फिर भी कोई टेंशन नहीं है ...

मैं भारत का नागरिक हूँ, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये।

मैं भारत का नागरिक हूँ, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये। बिजली मैं बचाऊँगा नहीं, बिल मुझे कम चाहिये । पेड़ मैं लगाऊँगा नहीं, मौसम मुझको नम चाहिये। शिकायत मैं करूँगा नहीं, कार्रवाई तुरंत चाहिये । बिना लिए कुछ...

मुद्रा माटी हो गई, मोदी भए कुम्हार। नेता मिलि के रो रहे, ऐसा हुआ...

मुद्रा माटी हो गई, मोदी भए कुम्हार। नेता मिलि के रो रहे, ऐसा हुआ प्रहार।। दीदी गुर्राए यहाँ, वहाँ बहन जी रोय। उधर केजरी दंग है; क्यों हमको मोदी धोय।। दीदी जीजा धुल गए, धरे रह...

विकास के पथ पर योग

योग एक शारीरिक, मानसिक और आत्मिक प्रक्रिया है जो की भारत से शुरू होकर पश्चिमी देशो में भी प्रचलित हुई परन्तु उस समय यह प्रक्रिया अस्पष्ट थी| कई विज्ञानियों द्वारा की गयी खोज से पता...

आचार्य चाणक्य के द्वारा कहे गए 602 बहुमूल्य विचार

चाणक्य का जन्म भारत वर्ष में लगभग 2400 साल पहले हुआ था| उनके द्वारा लिखे गए ग्रन्थ आज भी उतने ही सही हैं जितने उस काल में थे| चाणक्य, नालंदा विश्वविद्यालय में आचार्य थे|...