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खुश रहने और खुशी से जीवन बिताने के 40 तरीके

इस दुनिया को खुश रहने वाले व्यक्ति की जरुरत है फिर क्यू ना सबसे पहले हम ही एक ऐसा आदमी बन जाये जो अपना हर पल खुशी से बिताना जानता हो! hamesha khush kaise rahein खुद से एक बात कहो और ठान लो की मेरी खुशी मेरे हाथ में...

आप एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन क्या आप एक पुण्य आत्मा हैं?

एक औरत अपने बच्चे को एक संत व्यक्ति के पास लेकर गई। उसने संत से कहा, “मेरे डॉक्टर ने कहा है कि मेरे बेटे को मधुमेह है। इसलिये उसे मीठा नहीं खाना चाहिए। लेकिन अगर मैं उसे मना करुंगी, तो वो मीठा खाना बंद नहीं करेगा। चूंकि आप एक...

क्यों मृत्यु नहीं है जीवन का अंत

मृत्यु का अर्थ है भौतिक शरीर से आत्मा का जुदा होना है। मृत्यु नये और बेहतर जीवन का एक प्रारंभिक बिन्दु बन जाता है। यह जीवन के उच्च रूप का द्वार खोलता है। यह संपूर्ण जीवन का केवल एक प्रवेशद्वार है। जन्म और मृत्यु माया के मायाजाल हैं। जन्म...

रामकथा के इन घटनाक्रम से प्रेरणा लेकर इन्‍हें जीवन में आत्‍मसात करें

रावण वध कर, अयोध्या लौटने पर हम भगवान ​श्री राम के स्वागत में हर साल दीवाली का त्यौहार हर्षोउल्लास के साथ मनाते है। जबकि इसी उलट आज हम मुकाम हासिल करने के लिए एक ऐसी अंधी दौड़ में शामिल है जहां हम श्री राम जी की सीखाई हुई सीखें...

लाइफ में इतनी शांति और स्थिरता कभी महसूस नहीं हुई जितनी आजकल हो रही...

लाइफ में इतनी शांति और स्थिरता कभी महसूस नहीं हुई जितनी आजकल हो रही है। न कुछ खरीदने की इच्छा न कहीं जाने की इच्छा। जेब में कुछ नहीं है फिर भी कोई टेंशन नहीं है  । पहली बार कोई हंस के कह रहा कि कि मेरी जेब में एक भी पैसा...

मैं भारत का नागरिक हूँ, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये।

मैं भारत का नागरिक हूँ, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये। बिजली मैं बचाऊँगा नहीं, बिल मुझे कम चाहिये । पेड़ मैं लगाऊँगा नहीं, मौसम मुझको नम चाहिये। शिकायत मैं करूँगा नहीं, कार्रवाई तुरंत चाहिये । बिना लिए कुछ काम न करूँ, भ्रष्टाचार का अंत चाहिये । पढ़ने को मेहनत न बाबा, नौकरी लालीपाॅप चाहिये। घर-बाहर...

मुद्रा माटी हो गई, मोदी भए कुम्हार। नेता मिलि के रो रहे, ऐसा हुआ...

मुद्रा माटी हो गई, मोदी भए कुम्हार। नेता मिलि के रो रहे, ऐसा हुआ प्रहार।। दीदी गुर्राए यहाँ, वहाँ बहन जी रोय। उधर केजरी दंग है; क्यों हमको मोदी धोय।। दीदी जीजा धुल गए, धरे रह गए ठाठ। मोदी ऐसा धो रहा, खड़ी हो गई खाट।। नए नोट कब मिल सकैं, जोह...

विकास के पथ पर योग

योग एक शारीरिक, मानसिक और आत्मिक प्रक्रिया है जो की भारत से शुरू होकर पश्चिमी देशो में भी प्रचलित हुई परन्तु उस समय यह प्रक्रिया अस्पष्ट थी| कई विज्ञानियों द्वारा की गयी खोज से पता लगा की योग से कई बीमारियों का समाधान किया जा सकता है| अगर योग का...

आचार्य चाणक्य के द्वारा कहे गए 602 बहुमूल्य विचार

चाणक्य का जन्म भारत वर्ष में लगभग 2400 साल पहले हुआ था| उनके द्वारा लिखे गए ग्रन्थ आज भी उतने ही सही हैं जितने उस काल में थे| चाणक्य, नालंदा विश्वविद्यालय में आचार्य थे| चाणक्य नीति एक 17 अध्यायों का ग्रन्थ है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के अलावा सैकड़ों...

भूमि पर बैठकर भोजन करने के फायदे

कहा जाता है कि भोजन को जिस भावना के साथ ग्रहण किया जाए, यह वैसा ही फल देता है प्राचीन काल में ऋषि धरती पर आसन बिछाकर उस पर पालथी मारकर बैठते थे और फिर भोजन ग्रहण करते थे। उस समय नीचे बैठकर बोजन करने को बहुत श्रेष्ठ माना...

यह हैं भाग्यशाली होने की पाँच निशानियाँ

माना जाता है कि धरती पर हर कोई अपने साथ अपना भाग्य लेकर आता है। किसी के जीवन में उनका भाग्य साथ देता है तो किसी के जीवन में नहीं। शास्त्रों में बताया गया है कि यदि आप अपने भाग्य को जांचना चाहते हैं अर्थात आप जानना चाहते हैं...

हम हिन्दुस्तानी होते हुए भी हिन्दू नव वर्ष क्यों नहीं मनाते?

हम भारतीय होते हुए भी अपनी सभ्यता और संस्कृति तो भूलते जा ही रहे हैं साथ ही हम अपने त्योहारों की अपेक्षा उन अंग्रेजों के त्योहारों को बड़े धूम धाम से मनाते हैं जिन्होंने दशकों तक हमें गुलाम बनाये रखा| अंग्रेजों के शाशन काल में ऐशो आराम एवं मनोरंजन वाले...