कहानियाँ

राधा कृष्ण से जुड़ी होली की कथा

होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है। यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन लोग भेदभाव छोड़कर एक दूसरे को रंग लगाते हैं। ब्रज में होली का त्योहार करीब...

मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा

पुराणों के अनुसार कांचीपुरी में एक ब्राह्मण रहता था। उसका नाम देवस्वामी तथा उसकी पत्नी का नाम धनवती था। उनके सात पुत्र तथा एक पुत्री थी। पुत्री का नाम गुणवती था। ब्राह्मण ने सातों...

कल करे सो आज कर – कैसे एक गुरु ने अपने शिष्य को यह...

बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव मे एक आलसी व्यक्ति रहता था। वह काम करने में बहुत आलस्य दिखाता था। परन्तु वह अपने गुरु का बहुत सम्मान करता था। वह गुरु भी अपने...

हमारी सोच हमें दुखी करती है – एक प्रेरणादायक कहानी

एक किसान का घर अपने गाँव से बहुत दूर था। वह किसान बहुत अमीर था। उसके घर में किसी प्रकार की कोई कमी नही थी। जीवन में सब कुछ होने के बाद भी वह एक...

हिन्दू धर्म के बारे में जानना चाहते हो तो पढ़ो यह किताबें

दुनिया में सैकड़ों धर्म हैं लेकिन सबसे ज़्यदा शांतिप्रिए धर्म शुरू से एक ही रहा है और वह है हिन्दू धर्म। हिन्दू धर्म की शुरुवात हिंदुस्तान से ही हुई थी. आपको यह जानकार हैरानी...

जब श्री कृष्ण के अस्त्र सुदर्शन चक्र को हुआ अभिमान

भगवान् श्री कृष्ण की लीलाएं बड़ी न्यारी हैं कुछ ऐसी भी लीलाएं हैं जिनका उल्लेख ग्रंथों में तो मिलता है परन्तु वो इतनी प्रसिद्द नहीं है| भगवान् श्री कृष्ण ने कईयों का घमंड तोडा...

हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है? सरल परन्तु महत्वपुर्ण

बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक ऋषि रहते थे। उनके पास हर मुसीबत तथा परेशानी का हल होता था। इसलिए लोग उन्हें बहुत मानते थे। एक दिन एक व्यक्ति ऋषि...

51 शक्तिपीठों में से एक नैना देवी के दर्शन करने से सभी दुःख दूर...

नैना देवी हिंदुयों के पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है और समुद्र तल से 11000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस मंदिर के बारे में...

भगवान श्री राम ने क्यों दिया था अपने ही भाई लक्ष्मण जी को मृत्यु...

क्या आप रामायण के इस प्रसंग के बारे में जानते हैं जब श्री राम को न चाहते हुए भी जान से प्यारे अपने अनुज लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ा। आइए जानते हैं कि ऐसा क्या हुआ...

हम जो देखना चाहते हैं, हमे केवल वही दिखाई देता है

एक बार गुरु द्रोणाचार्य ने दुर्योधन और युद्धिष्ठिर की परीक्षा लेने के बारे में सोचा। उन्होंने उन दोनों से राज्य का भ्रमण कर के आने को कहा। उन्होंने युद्धिष्ठिर से कहा कि जाओ और पता लगाकर आओ की राजधानी में दुर्जन...