कहानियाँ

समझोता करें या परिस्थितियों से बाहर निकलने कि कोशिश करें? सीखें मेंढक से

अगर कोई मेंढक गर्म पानी में मर जाए तो हम में से ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि उसकी मृत्यु गर्म पानी से हुई है। परन्तु सत्य कुछ और है। अगर एक मेंढक को...

युधिष्ठिर के यज्ञ से श्रेष्ठ था ब्राह्मण का यज्ञ

एक बार महाराज युधिष्ठिर ने एक यज्ञ करवाया। यज्ञ पूर्ण होने के बाद ऋषियों की सभा एकत्रित हुई। सभा में सभी यज्ञ की चर्चा करने लगे। सभी इस यज्ञ की तारीफों के पुल बाँध रहे थे।...

कौन जाएगा स्वर्ग और कौन नर्क

एक समय कि बात है एक गाँव में एक ब्राह्मण और वैश्या एक दूसरे के पड़ोस में रहते थे। ब्राह्मण पूरा दिन भगवान कि पूजा पाठ में लगा रहता था। वह सारा दिन अनंत कर्मकांड करने...

आखिर क्या था श्री राम के वनवास जाने के पीछे का रहष्य

रामायण में श्री राम, लक्ष्मण एवं सीता को चौदह वर्षों का वनवास भोगना पड़ा था और इसका कारण राम की सौतेली माता कैकयी को माना जाता है| लेकिन आखिर ऐसा क्या कारण था की...

श्री राम की सहयता करने वाले जामवंत ने महाभारत में किया था श्री कृष्ण...

रामायण में जिन्होंने श्री राम की लंका युद्ध में सहायता की थी| उनमें से एक जामवंत भी थे| जामवंत रामायण के उन पात्रों में से एक हैं जिनकी उपस्थिति महाभारत काल में भी पायी...

भगवान गणेश का जन्म किन परिस्थितियों के कारन हुआ – यह है इसकी कथा

हिन्दू धर्म में मान्यता है कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले भगवान गणेश को याद करना चाहिए| गणेश जी की अराधना से किसी कार्य को शुरू करना बहुत शुभ माना जाता है| Ganesh...

बाबा खाटू श्याम कौन थे और क्या है उनकी कहानी

भारत में बहुत से चमत्कारिक धार्मिक स्थल हैं और “खाटू श्याम मंदिर” भी इन्हीं प्रसिद्द स्थलों में से एक है| यह मंदिर भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक का है जहाँ इनकी...

किस प्रकार तोड़ा ज्वालामुखी देवी ने अकबर का अभिमान

हिन्दू धर्म की प्रचलित कथा के अनुसार भगवान शिव के तांडव से हो ब्रह्माण्ड में हो रहे हाहाकार से देवलोक को बचाने के लिए विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्र से देवी सती के 51 टुकड़े किए थे...

आप एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन क्या आप एक पुण्य आत्मा हैं?

एक औरत अपने बच्चे को एक संत व्यक्ति के पास लेकर गई। उसने संत से कहा, “मेरे डॉक्टर ने कहा है कि मेरे बेटे को मधुमेह है। इसलिये उसे मीठा नहीं खाना चाहिए। लेकिन...

क्यों मृत्यु नहीं है जीवन का अंत

मृत्यु का अर्थ है भौतिक शरीर से आत्मा का जुदा होना है। मृत्यु नये और बेहतर जीवन का एक प्रारंभिक बिन्दु बन जाता है। यह जीवन के उच्च रूप का द्वार खोलता है। यह...