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श्री राम और गिलहरी के पीठ पर दो काली धारियों का क्या रहस्य है?

जब हम किसी भी प्राणी को देखते हैं तो उसकी शारीरिक संरचना देख कर कभी ना कभी मन में ये ख़याल अवश्य आता है की भगवान् ने इसे ऐसा क्यों बनाया जैसे जिराफ की...

सीता ही नही भाइयो और पुत्रो का भी त्याग कर दिया था श्री राम...

श्री राम और सीता जी के प्रेम को हर कोई नहीं समझ सकता। कई घटिया सोच रखने वाले लोग आज भी श्री राम और सीता माता के चरित्र पर सवाल उठाते हैं। वह यह...

जाने विष्णु के वाराह अवतार के पीछे का रहस्य

भगवान् विष्णु के निवास स्थान बैकुंठ धाम के द्वारपाल जय और विजय नामक दो सगे भाई थे| दोनों पूरी मुस्तैदी और इमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहे थे| एक दिनकी बात है...

जब एक पिता ने अपने ही पुत्र को अपनी बहन के हाथों मरवाना चाहा!

प्राचीन काल में असुरराज हिरन्यकश्यप नामक असुर के राज में आसुरी शक्तियां बहुत प्रबल होती जा रही थी| हिरन्यकश्यप बड़ा ही क्रूर और निर्दयी था उसने ब्रह्मा की घोर तपस्या की| उसकी तपस्या से...

नाग और गरुड़ – दो भाइयों के बीच प्यार की जगह शत्रुता क्यों?

भाइयों के बीच प्रेम के किस्से तो बहुत सुने होंगे पर आज हम बताने जा रहे हैं दो भाइयों के बीच फैली ऐसी नफरत के बारे में जिसमे वे एक दुसरे के कट्टर दुश्मन...

10 सर क्यों थे रावण के? सच जान कर आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे

लोग  रावण को आज भी बुराई का प्रतिक के रूप में जानते है | रावण दहन इसका ज्वलंत उदाहरण है | विजयादशमी के दिन जब लोग रावण दहन होते देखते है तो निश्चय ही...

द्रौपदी और भीष्म पितामह

महाभारत का युद्ध चल रहा था। भीष्म पितामह अर्जुन के बाणों से घायल हो कर बाणों से ही बनी हुई एक शय्या पर पड़े हुए थे। कौरव और पांडव दल के लोग प्रतिदिन मिलने...

गणेश जी ने कैसे किया कुबेर का घमंड चूर

एक बार कुबेर को अपने धन पर बहुत घमंड हो गया। उसने सोचा कि उसके पास तीनों लोकों में सबसे ज्यादा धन है, क्यों ना एक भव्य भोज का आयोजन करके वैभव दिखाया जाए।...

एक गौ की निस्वार्थ ममता ने दिया नया जीवन

एक दिन मंगलवार की सुबह वॉक करके रोड़ पर बैठा हुआ था,हल्की हवा और सुबह का सुहाना मौसम बहुत ही अच्छा लग रहा था,तभी वहाँ एक बड़ी गाडी आकर रूकी, और उसमें से एक...

एक दोहे ने बदल डाला कईयों का भविष्य!

एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में एक उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं मित्र देश के राजाओं...

जब त्रिपुरारी ने खंडित किया देवराज का अहंकार

देवताओं के राजा देवराज इंद्र को वर्षा के देवता माना जाता है| वेदों के अनुसार देवताओं के राजा इंद्र बड़े ही अभिमानि स्वभाव के हैं उन्हें समय समय पर अपने ऊपर अभिमान होता रहता...

आखिर क्यूँ करना पड़ा देवी को चामुण्डा रूप धारण

वेदों में कई ऐसी कथाएं हैं जिनसे आज भी लोग अछूते हैं आज हम बताते है ऐसी ही कथा के बारे में जिसके बारे में जान कर आप अचंभित रह जायेंगे| मतस्य पुराण में...