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कहानियाँ

होनी को कोई नहीं टाल सकता: जो होना है वो हो कर ही रहेगा

एक दिन भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ देव के मन में विचार आया की क्यों ना एक बार पृथ्वी लोक का भ्रमण किया जाए| अपने भ्रमण के दौरान जब गरुड़ देव भगवान विष्णु के...

दीन दुखियों की सेवा ही असली सेवा है

एक समय की बात है एक रियासत में एक राजमाता रहती थी। वह बहुत धार्मिक विचारों की स्त्री थी। एक दिन राजमाता ने सोचा कि क्यों न सोने का तुला दान कर के मंदिर...

माता पिता निस्वार्थ प्रेम और त्याग के बदले सिर्फ प्रेम की अपेक्षा रखते हैं

एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था। जब भी फुर्सत मिलती वो आम के पेड के पास पहुच जाता। पेड के उपर चढ़ता,आम खाता,खेलता और थक जाने पर उसी की छाया मे...

क्यों भगवान बांके बिहारी के सर से निकली खून की धारा

एक राजा ने भगवान कृष्ण का एक मंदिर बनवाया और पूजा के लिए एक पुजारी को लगा दिया| पुजारी बड़े भाव से बिहारी जी की सेवा करने लगे| भगवान की पूजा-अर्चना और सेवा-टहल करते...

लक्ष्मण जी ने श्री राम के लिए किया था एक ऐसा त्याग जिसकी आप...

आप सब ने रामायण के अनेक प्रसंग सुने होंगे। परन्तु आज हम जो प्रसंग आप को बताने जा रहे हैं उसके बारे में बहुत कम लोगों को ज्ञात होगा। हनुमान जी की तरह लक्ष्मण...

शिव के पहले ज्योतिर्लिंग की स्थापना क्यों और किसने की थी

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है जो की गुजरात के सौराष्ट्र में मौजूद है| शिव पुराण के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव ने की थी| प्रजापति...

14 वर्ष के वनवास में प्रभु श्री राम कहां-कहां रहे

श्रीराम को 14 वर्ष का वनवान हुआ। इस वनवास काल में श्रीराम ने कई ऋषि-मुनियों से शिक्षा और विद्या ग्रहण की, तपस्या की और भारत के आदिवासी, वनवासी और तमाम तरह के भारतीय समाज...

जब बुद्ध से पूछा गया मौत के बाद क्या होता है

एक बार बुद्ध से उनके एक शिष्य ने पूछा, भगवन आपने आज तक यह नहीं बताया कि मृत्यु के बाद क्या होता है। उसकी बात सुनकर बुद्ध मुस्कुराए, फिर उन्होंने उससे पूछा, पहले मेरी...

खुशी तुम्हारे अन्दर है, लेकिन तुम उसे पैसे और बाहरी वस्तुओं में ढूंढ रहे...

एक गाँव में एक बहुत अमीर व्यक्ति रहता था। उसके जीवन में कोई कमी नही थी। परन्तु वह फिर भी बहुत चिंतित रहता था। एक दिन उसके एक मित्र ने उसे एक ऋषि के बारे में बताया...

Hanuman Ji ne chhati chir ke dikhaya – हनुमान जी ने भरी सभा में...

This is described in the later parts of the Ramayana. After Lord Rama came back from his vanavasa of 14 years and winning over Lanka Naresh Ravana, he was coronated as Ayodhya Naresh -...

आखिर क्या था श्री राम के वनवास जाने के पीछे का रहष्य

रामायण में श्री राम, लक्ष्मण एवं सीता को चौदह वर्षों का वनवास भोगना पड़ा था और इसका कारण राम की सौतेली माता कैकयी को माना जाता है| लेकिन आखिर ऐसा क्या कारण था की...

श्री राम की सहयता करने वाले जामवंत ने महाभारत में किया था श्री कृष्ण...

रामायण में जिन्होंने श्री राम की लंका युद्ध में सहायता की थी| उनमें से एक जामवंत भी थे| जामवंत रामायण के उन पात्रों में से एक हैं जिनकी उपस्थिति महाभारत काल में भी पायी...