आखिर क्या सोच के बनाई गयी थी मोदी कीनोट ऐप? क्या सच या धोखा

आज हम जानते है मोदी कीनोट ऐप के बारे में | बीते दिनों में जब सारा देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के साहसिक कदम का समर्थन कर रहा था तब कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें लोगों की दिक्कतों और भावनाओं से कोई सरोकार नहीं था | नोटबंदी के दौर में जब लोगों में 2000 के नए नोट को ले कर कई भ्रम थे  | ऐसे कठिन समय में कुछ लोगों ने मोदी कीनोट ऐप नामक ऐप बनाया जिससे नए 2000 और 500 के नोट स्कैन करने पर मोदी जी का विडियो चलने लगता है | ये वो विडियो है जिसमे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 8 नवंबर को देश को संबोधित करते हुए नोटबंदी का ऐलान किया था |

आज के दौर में व्हाट्सऐप उन प्रमुख तरीकों में से एक है जिससे युवा एक दुसरे से संपर्क या यूँ कहें की अपनी भावनाएं व्यक्त करते है | कुछ ऐसे लोग भी हैं जो बिना सोचे समझे हर उस चीज़ को शेयर कर देते हैं जो थोडा सनसनीखेज़ लगता है न तो उन्हें उसकी तार्किकता से कोई लेना देना है और न ही इस बात से कोई लेना है की खबर सच्ची है या नहीं | अभी कुछ दिनों पहले व्हाट्सऐप पर बड़ी तेजी से ये मैसेज फैला की नए 500 और 2000 के नोटों की प्रमाणिकता जाचने के लिए मोदी कीनोट ऐप से स्कैन करे अगर विडियो चलता है तो नोट असली हैं अन्यथा नोट नकली हैं |

जबकि मोदी कीनोट ऐप मात्र मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया था | ऐसे एप्स को प्रेंक ऐपस भी कहा जाता है | इसे ऐसे बनाया गया था की सिर्फ नोट ही नहीं अगर नए नोट जैसे रंग और पैटर्न की कोई भी चीज़ स्कैन की  जाती है तोह मोदी जी का विडियो चलने लगता है |

इससे नोट के असली या नकली की जांच का दूर दूर तक कोई मतलब नहीं है | इसी लिए हम चाहते है की जब भारत एक बहुत बड़े बदलाव की ओर अग्रसर हो रहा है तो हमें अपनी सरकार के इस सराहनीय कदम का समर्थन करना चाहिए साथ ही साथ किसी भी मैसेज को शेयर करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच कर लेनी चाहिए |

हमारा एक छोटा सा कदम बड़ी से बड़ी अफवाहों को फैलने से रोक सकता है | जैसे की इस मैसेज से ग्रामीण छेत्रों के भोले लोगों में हडकंप मच गया था | यहाँ तक की कई बड़े सहरों के भी लोगों ने इस झूठी अफवाह पर भरोसा कर लिया था जिससे बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा |

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