हनुमान जी का जन्म जिस गुफा में हुआ था उसे क्रोध में आकर बंद कर दिया था माता अंजनी ने

संसार में अगर कोई प्रभु श्री राम का सबसे बड़ा भक्त है तो वो हैं बजरंग बलि हनुमान। हनुमान जी को भगवान् श्री राम से कलयुग में भी अमर रहने का वरदान मिला था। हनुमान जी के कई भक्त हैं। आप भी हनुमान जी को अवश्य पूजते होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं उनका जन्म कहाँ हुआ था?

हनुमान जी से जुड़े कई किस्से कहानियाँ हैं परंतु उनके जन्म से सम्बंधित सत्य आपने शायद ही किसी के मुख से सुने होंगे। उन का जन्म स्थान कहाँ है यह बहुत ही कम व्यक्तियों को ज्ञात है।

ऐसा माना जाता है की झारखण्ड में स्थित एक गुफा में हनुमान जी का जन्म हुआ था। गुमला ज़िले से तक़रीबन 21 किलोमीटर की दूरी पर है यह गुफा जिसका नाम आंजन धाम रखा गया है।

बजरंग बलि का जन्म आंजन में हुआ था इस बात का प्रमाण यह भी है की यह वही जगह है जिस के पास स्थित पालकोट प्रखंड में सुग्रीव और बाली के वानर राज्य किश्किंधा के होने की बात कही जाती है। माता अंजनी का निवास स्थान होने की वजह से गुमला जिले का एक नाम आंजनेय भी है।

इन पवित्र पहाड़ों में एक ऐसी भी गुफा है जिसका सम्बन्ध सीधा सीधा रामायण काल से जुड़ा है। यह भी माना जाता है की माता अंजनी इस स्थान पर प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करने आती थीं और इसी कारण से यहाँ 1 नहीं बल्कि 360 शिवलिंग स्थापित हैं।

इस स्थान पर कई तालाब भी हैं जहाँ माता अंजनी स्नान भी करती थीं। यहाँ पर आंजन माता मंदिर भी बना हुआ है और मंदिर के नीचे एक प्राचीन गुफा भी है जिसे सर्प गुफा के नाम से जाना जाता है।

जो भी भक्त इस मंदिर के दर्शन करने आता है वह सर्प गुफा के भी दर्शन ज़रूर करता है। गुफा के अंदर एक टीला भी है जहाँ पर सांप को देखा जा सकता है और इसी कारण से यह मान्यता है की यह कोई और नहीं नागदेव हैं।

इस पवित्र गुफा के पास माता अंजनी की सुन्दर प्रतिमा है। भक्तों का यह मानना है की इस 1500 फुट से ज़्यादा लंबी गुफा के भीतर एक रास्ता भी है और इसी रास्ते से अंजनी माता खटवा नदी तक स्नान करने के लिए जाती थीं।

इस गुफा के बारे में एक कथा प्रचलित है एक बार की बात है यहाँ के मूल निवासीयों ने माता को खुश करने के लिए एक बकरे की बलि चढ़ाई थी। परंतु उनके इस कृत्य से माता खुश होने की बजाय नाराज़ हो गयी और गुफा का द्वार क्रोध के मारे बंद कर लिया।

हनुमान जी के अनेक मंदिरों में इस मंदिर का विशेष स्थान है क्योंकि एक तो ये हनुमान जी का जन्म स्थान है और दूसरा इस जगह बाल हनुमान अपनी माता अंजनी की गोद में विराजमान हैं। इस जगह का नाम आंजन नगर पड़ने के पीछे भी यही कारण है।

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