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India and Hinduism has got a vast and glorious History. India has always been famous for its religious culture, enormous temples, mythology and ancient scriptures. Learn more Facts about India and Hinduism.

कैसे शुरू हुआ दीपावली का पर्व और कब से मनाया जा रहा है, इस...

दीपावली का नाम सुनते ही मन में मिठाइयों, पटाखों, रंगोली आदि की यादें ताजा हो जाती हैं। इसे अगर हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस बार ये पर्व 7 नवंबर, बुधवार को है। ये उत्सव लगातार 5 दिनों तक मनाया जाता है। इसमें...

होलिका और इलोजी की प्रेम कहानी जिसका बड़ा ही दुखद अंत हुआ था

हिरण्यकश्यप भगवान् विष्णु को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था| उसने अपने राज्य में ये घोषणा करा रखी थी की विष्णु की पूजा करने वाला या फिर उसका नाम लेने वाले को कठोर दंड दिया जाएगा| हिरन्यकश्यप के बड़े भाई हिरण्याक्ष का वध भगवान् विष्णु ने वराह अवतार लेकर...

हिन्दू धर्म के बारे में जानना चाहते हो तो पढ़ो यह किताबें

दुनिया में सैकड़ों धर्म हैं लेकिन सबसे ज़्यदा शांतिप्रिए धर्म शुरू से एक ही रहा है और वह है हिन्दू धर्म। हिन्दू धर्म की शुरुवात हिंदुस्तान से ही हुई थी. आपको यह जानकार हैरानी होगी के हिन्दू धर्म दुनिया का सबसे पुराना धर्म भी है. हिन्दू धर्म को सनातन धर्म...

जब श्री कृष्ण के अस्त्र सुदर्शन चक्र को हुआ अभिमान

भगवान् श्री कृष्ण की लीलाएं बड़ी न्यारी हैं कुछ ऐसी भी लीलाएं हैं जिनका उल्लेख ग्रंथों में तो मिलता है परन्तु वो इतनी प्रसिद्द नहीं है| भगवान् श्री कृष्ण ने कईयों का घमंड तोडा पर क्या आप जानते हैं की एक बार भगवान् श्री कृष्ण को अपने एक परम...

आखिर क्या है देवी दुर्गा के पहले रूप शैलपुत्री की कथा

नवरात्रों के प्रथम दिन में देवी दुर्गा के शैलपुत्री रूप को पूजा जाता है क्या आप जानते है देवी दुर्गा के पहले दिन पूजे जाने वाले स्वरुप के बारे में| देवी दुर्गा के नौ रूपों में से पहला स्वरुप है देवी शैलपुत्री का जैसा की नाम से ही ज्ञात...

सर कटने के बाद भी मेघनाद क्यों हंसने लग गया था?

रामायण का जब भी जिक्र होता है तो उसमे राम, लक्ष्मण, रावण, कुम्भकरण, विभीषण, शूर्पनखा के साथ साथ मेघनाद का भी नाम जहन में अवश्य आता है| मेघनाद रावण का पुत्र था और अपने पिता रावण की तरह ही एक अत्यंत ही निर्दयी और क्रूर योद्धा भी था| मेघनाद...

छत्रपति शिवाजी के जीवन के कुछ छुपे रहस्य – The story of Shivaji Maharaj

वीर छत्रपति शिवाजी भारत की शान थे और उनका असली नाम शिवाजी राजे भोसले था तथा शिवाजी पुणे में शिवनेरी किले में 1627 ईस्वी में पैदा हुए थे| शिवाजी के पिता शाहजी भोंसले एवं माता जिजाबाई ने देवी शिवाई का आशीर्वाद मान कर बालक का नाम शिवाजी रखा था|...

ऐसे किया था श्री राम ने कैकयी का मार्गदर्शन

श्री राम के वनवास से लौटने के बाद कैकई श्री राम के पास गयी तथा अपने अपराध की क्षमा मांगने लगी। कैकयी ने श्री राम से कहा कि मैंने तुम्हे वनवास भेज कर बहुत बड़ा अपराध किया था। मुझे क्षमा कर दो। तुम कृपालु हो, मुझे अपनी शरण में...

महाभारत के आखरी दिन क्या था दयामयी द्रोपदी का फैसला

महाभारत के युद्ध के बारे में तो सभी जानते हैं। परन्तु उस समय द्रोपदी ने एक बड़ा फैसला लिया जो हम में से केवल कुछ लोगों को ही ज्ञात है। महाभारत के युद्ध के समय द्रौपदी तथा अन्य रानियां एक शिविर में रहती थी। जिस दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ। उस दिन...

हनुमान कैसे बने मकरध्वज के पिता जबकि वो ब्रम्हचारी थे?

हनुमान जी भगवान् राम के सबसे बड़े भक्त थे और उनकी निश्छल भक्ति के कई किस्से प्रचलित हैं उनमे से एक किस्सा यह भी है| बजरंग बलि ने आजीवन ब्रम्हचारी रहने का प्रण किया था और रामायण तथा राम चरित मानस में भी उल्लेखित है की उन्होंने विवाह नहीं...

धरती का वीर योद्धा ‘पृथ्वीराज चौहान’ – आखरी हिन्दू शासक

पृथ्वीराज चौहान एक हिन्दू क्षत्रिय राजा थे। पृथ्वीराज चौहान का जन्म अजमेर के राजा सोमेश्वर चौहान के यहां हुआ। चौहान वंश में जन्मे पृथ्वीराज आखरी हिन्दू शासक थे। अपने पिता की मृत्यु के बाद 11 वर्ष की आयु में ही उन्होंने अजमेर का शासन संभाल था। उन्होंने युद्ध के...

भारत के एक फकीर ने ऐसे किया सिकंदर का अभिमान चूर

जब सिकंदर भारत आया तो उसकी मुलाकात एक फकीर से हुई। यह मुलाकात कुछ विचित्र थी। इस मुलाकात में फकीर ने सिकंदर का अभिमान चूर कर दिया। आइए जानते हैं कि फकीर ने ऐसा क्या कहा कि सिकंदर का अहंकार खत्म हो गया। जब सिकन्दर की मुलाकात फकीर से हुई, तो...

भगवद पुराण में की गयी थी कलयुग के बारे में भविष्यवाणी

श्रीमद्भगवद पुराण हिन्दू धर्म के पुराणों में से एक है। भगवद पुराण में कलयुग के बारे में भविष्यवाणी पहले ही कर दी गयी थी अर्थात कलयुग में क्या होगा यह पहले ही भगवद पुराण में लिखा जा चुका था। आइए जानते हैं भगवद पुराण में की जाने वाली कलयुग की भविष्यवाणी के...

द्रोपदी के अलावा थी अर्जुन की तीन पत्नियां – आपने सही पढ़ा! कौन थीं...

द्रोपदी पांचाल देश के राजा द्रुपद की पुत्री थी। द्रोपदी का जन्म महाराज द्रुपद के यहां यज्ञकुंड से हुआ था। अर्जुन द्वारा स्वयंवर जीतने के बाद द्रोपदी का विवाह अर्जुन से हुआ। परन्तु दैवयोग से ऐसी घटना हुई कि द्रोपदी को पांच पांडवों की पत्नी बनना पड़ा। जब द्रोपदी को किसी कारणवश...

हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने के पीछे क्या कारण है? यहाँ जानिये

भगवान हनुमान श्री राम के परमभक्त थे। इसलिए उन्हें रामभक्त हनुमान भी कहा जाता है। श्री राम के परमभक्त हनुमान जी की पूजा करने से जीवन की हर बाधा दूर हो जाती है। मंगलवार के दिन भगवान हनुमान जी की पूजा की जाती है। कई लोग मन्नत पूरी होने पर...

ऐसे हुई थी श्री कृष्ण और राधा जी की प्रेम कहानी आरम्भ

राधा कृष्ण के प्रेम से तो हम सभी अवगत हैं। राधा कृष्ण के प्रेम सम्बन्ध को पूरे भारतवर्ष में पूजा जाता है। राधा जी को पुराणों में श्री कृष्ण की शश्वत जीवन संगिनी बताया गया है। भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा को सर्वोच्च देवी स्वीकार किया जाता है। कहा जाता है कि राधा...