इस क्षेत्र में भारत ने ‘अमेरिका सहित चीन’ को भी पछाड़ा

प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मोदी जी ने विदेशी निवेश कैसे लाया जाए इस पर बहुत जोर दिया है  . इसके लिए उन्होंने कई मंत्रियों और नीतिकारो से भी गहन मंथन भी किया और FDI में विदेशी निवेश की सीमा को भी आगे बढ़ाया . विदेशी निवेशको को आकर्षित करने के लिए इन्होने मेक इन इंडिया कैम्पेन की भी शुरुआत की . लेकिन अब लगता है कि मोदी जी द्वारा की गयी उनकी कोशिशे रंग ला रही है .

FDI को लुभाने के मामले में भारत ने पहली बार अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ दिया है . एक रिपोर्ट की माने तो वर्ष 2015 में भारत ने 63 बिलियन डॉलर से विदेशी निवेश को आकर्षित किया है . साथ ही साथ 697 प्रोजेक्ट्स में 8 फीसदी की बढ़ोतरी भी की है . बता दें कि यह जानकारी द फैनान्सिअल टाइम्स के FDI डीविजन ने दी है .

देखा जाए तो PM मोदी की लगातार कोशिशे और विदेशी दौरों पर ब्रांड इंडिया को उभारना काम कर रहा है . देश के कई सेक्टर्स के विदेशी निवेश में बढत देखने को मिली है खासकर कोयला , तेल और प्राक्रतिक गैस के क्षेत्र में कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की जा चुकी है . रिपोर्ट्स के अनुसार 2015 में पहली बार भारत विदेशी निवेश में सबसे उपर पहुँच गया है . बता दें कि 2015 में अमेरिका ने 59.6 बिलियन डॉलर और चीन ने 56.6 बिलियन डॉलर FDI को आकर्षित किया है .

एक रिपोर्ट के अनुसार 2015 में FDI आकर्षित करने वाले 10 राज्यों में से 5 भारतीय राज्य है. जानकारी के अनुसार गुजरात ने 12.4 बिलियन डॉलर और महाराष्ट्र ने 8.3 बिलियन डॉलर FDI को आकर्षित किया है . जिससे यह तो साफ़ हो जाता है कि मोदी जी की कोशिशो का असर अब दिखने लग गया है और यह रिपोर्ट उनके विरोधियो के मुंह पर एक करारा तमाचा है जो उनके मेक इन इंडिया और दुसरे कैंपेन का मजाक बनाते है .

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