रोने से भी आपकी सेहत को होते हैं कई फायदे

हमारे जीवन में कई बार ऐसी स्थिति आती है जहां हमारी आँखों से आंसू अपने आप आ जाते हैं। परन्तु हम सब यही सोचते हैं कि रोने से केवल हमारे स्वास्थ्य को नुकसान ही होता है। परन्तु ऐसा नही है। वैज्ञानिक तौर पर यह सिद्ध हो चुका है कि अगर हंसना सेहत के लिए फायदेमंद है तो रोना से भी हमारे स्वास्थ्य को लाभ पहुँचता है।

हमारी आँखों से तीन तरह के आंसू निकलते हैं- भावनात्मक उद्वेग के कारण आंसू, बैक्ट‌ीरियल अटैक से बचाव के लिए आंसू और किसी बाहरी चीज के आंख में जाने की प्रतिक्रिया के कारण निकले आंसू।

आइए जानते हैं कि रोने से हमें क्या फायदे होते हैं।

आँखों में नमी 

आँखों की मेमब्रेन की चिकनाहट कम होने पर हमारी आँखों की रोशनी कम हो सकती है। आँखों से बहने वाले आंसू इसकी चिकनाहट को बरकरार रखते हैं और इसे सूखने नही देते। जिससे आँखों में नमी बनी रहती है।

बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक 

हमारी आँखों से जो आंसू बहते हैं उनमें लोसोजोम नामक तत्व होता है जो बाहरी बैक्टीरिया को खत्म करने में 90 से 95 प्रतिशत तक सफल होता है। यह बैक्टीरिया सेल्स के वॉल पर हमला कर उन्हें खत्म करता है। परन्तु आंसू हमें इस बैक्टीरिया से बचाते हैं।

तनाव कम होना 

जब हम दुखी हो और आँखों से आंसू आये तो उस समय आंसुयों के साथ एड्रेनोकॉर्टिकोट्रोपिक और ल्यूसीन एनसिफलिन जैसे हार्मोन निकलते हैं। जिससे हमारा तनाव दूर हो जाता है।

बाहरी केमिकल से बचाव 

आंसू हमारी आँखों का बाहरी केमिकल से भी बचाव करते हैं। प्याज से निकलने वाले केमिकल या धूल के संपर्क में आने से आंसू आते हैं जिससे आंखे सुरक्षित रहती हैं।

मन को शांत करना 

रोने से दिल की धड़कने धीमी हो जाती हैं जिससे आप बायोलॉजिकल और इमोशनल दोनों तरह से शांत हो जाते हैं। परेशानी के दौरान रोने से दिमाग, दिल और लिंबिक सिस्टम का काम स्मूथ हो जाता है जिससे आराम लगता है।

नाक के बैक्टीरिया खत्म करने में सहायक 

आंसू ‘टिअर डक्ट’ से होकर नाक तक पहुंचते हैं और नाक को नम रखते हैं। यह नाक में मौजूद बैक्टीरिया को भी मारते हैं।

टॉक्सिन्स को बाहर निकालना

आंसू हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं। इस दौरान कई हानिकारक केमिकल्स का शरीर से खात्मा हो जाता है।

जब भी हमें रोने की जरूरत महसूस हो तो हमें इसे रोकना नही चाहिए। अपने दुःख को मन में रखकर घुटते रहने से अच्छा है कि हम उस दुःख को आंसुयों की सहायता से बाहर निकालकर तनाव मुक्त हो जाएँ।

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