व्रत कथा - विधि

“शुक्रवार व्रत कथा” – Shukravar Vrat Katha || Santoshi Mata || Vidhi Vidhan

हम सातो वारों की व्रत कथा के इस अंक में आपको शुक्रवार को किए जाने वाले संतोषी माता के व्रत के बारे में जानकारी दे रहे हैं. संतोषी माता को हिंदू धर्म में संतोष, सुख, शांति और वैभव की माता के रुप में पूजा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के...
Karwa Chauth

करवा चौथ : पूजा विधि और व्रत कथा

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है। कई संप्रदायों में कुवांरी कन्याएं भी अच्छे पति की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं। यहां जानें, कैसे करें यह व्रत और...

श्रावण सोमवार की विधि और कथा

प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा करना बड़ा ही लाभकारी होता है परन्तु श्रावण मास में आने वाले सोमवार के व्रत और पूजन का अपने आप में अलग ही महत्व है| श्रावण मास के सोमवार का व्रत मनचाहे वर या वधु की प्राप्ति के लिय रखा जाता है...

गुप्त नवरात्रि – कथा, व्रत विधि

अक्सर लोगों को साल में 2 बार नवरात्रों का पता होता है| परन्तु नवरात्रे साल में 4 बार हर ऋतु में आते हैं| वसंत, आषाढ़, अश्विन और माघ में से केवल अश्विन और वसंत ऋतु में आने वाले नवरात्रि तो सभी लोग मनाते हैं| लेकिन बाकि दोनों नवरात्रि गुप्त कहलाए...

जानिए माता बगलामुखी की कथा

देवी बगलामुखी से जुडी एक कथा बहुत प्रचलित है जिसके अनुसार एक बार सतयुग में महाविनाश उत्पन्न करने वाला तूफान आया, जिससे सारी सृष्टि नष्ट होने लगी| इससे चारों ओर हाहाकार मच गया और अनेकों लोक संकट में पड़ गए और संसार की रक्षा करना असंभव सा प्रतीत होने लगा| यह तूफान सब कुछ नष्ट...

मनोकामनाएं पूरी करने के लिए रखे नवरात्रें

नवरात्रि एक संस्कृत शब्द  है जिसका अर्थ है  'नौ रातें' तथा हिन्दू धर्म में इसकी अधिक मान्यता है| इन नौ रातों में नौ देवी रूपों की पूजा की जाती है और दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है|  नवरात्रि के नौ रातों में महालक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हे नव...

शुक्रवार को कैसे करें मां दुर्गा की पूजा

देवी की आराधना का अर्थ है शक्ति की आराधना और कहते हैं कि शक्ति का रंग है लाल, इसीलिए देवी दुर्गा की आराधना में लाल रंग का बहुत महत्व है। दुर्गा जी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ होता है।  Shukravar Puja Vidhi शुक्रवार को सूर्योदय से पहले उठ...

गुरुवार व्रत कथा एवं विधि

गुरुवार (बृहस्पतिवार) के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत करने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और मनचाहा फल देते हैं। बृहस्पति की पीड़ा से मुक्ति पाना चाहते हैं तो अनुराधा नक्षत्र युक्त गुरुवार से व्रत आरंभ करके सात गुरुवार तक व्रत रखें।  इस व्रत...

भगवान शिव के प्रदोष व्रत रखने से होती है मोक्ष की प्राप्ति

प्रदोष व्रत भगवान शिव के लिए रखा जाता है| यह व्रत बहुत्त मंगलकारी होता है तथा इस व्रत को त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है| यदि इस दिन आप व्रत रखें तो आपको भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी| मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत...

हनुमान जी की पूजा कैसे की जाती है? यहाँ जानिए

हनुमान जी श्रीराम जी के सबसे बड़े भक्त हैं। हनुमान जी पवनपुत्र के अलावा भगवान शिव के 11वें अवतार के रूप मेंभी जाने जाते हैं। हनुमान जी अपने माता-पिता के बड़े लाडले थे अतः मां अंजना और पिता केसरी के जयकारे सेहनुमान अतिशीघ्र प्रसन्न होते हैं। हनुमानजी बुद्धि और बल...

जानिए महाभारत के युद्ध के बाद क्या हुआ था ?

महाभारत के युद्ध में अनेक सैनिकों एवं योद्धाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी| कहा जाता है कि कुरुक्षेत्र की धरती जहाँ महायुद्ध हुआ था...

क्या आप इंद्रजाल के बारे में जानते हैं ?

इंद्रजाल को सभी अलग-अलग शब्दों के साथ जोड़ते हैं जैसे- मायावी खेल, तंत्र-मंत्र, कला जादू, वशीकरण, जादू आदि| आज हम जानेंगे कि असल में...

सभी कष्टों के निवारण का अचूक उपाय – सुन्दरकाण्ड का पाठ

शाश्त्रों तथा वेद पुराणों के अनुसार हनुमान जी की मृत्यु नहीं हुयी थी और वो आज भी जिंदा हैं| शायद यही कारण है की...

कैसे बने मरदाना जी गुरु नानक देव जी के शिष्य

हम सभी जानते हैं कि मरदाना जी गुरु नानक देव जी के शिष्य थे| वह सदा गुरु नानक देव जी के साथ ही रहते...

हनुमान जी की रची किस लीला के कारण उठाना पड़ा श्री...

यह तो सबको ज्ञात है कि इंद्र के कोप से गोकुल वासियों को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन को अपनी छोटी उंगली पर...

शिव महापुराण में बताये गए हैं मृत्यु के यह संकेत

भगवान शिव को महाकाल भी कहा जाता है। धार्मिक ग्रन्थों में शिव जी को अनादि व अजन्मा बताया गया है। महाकाल उसे कहा जाता है...

इन कारणों से महाभारत युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुआ कर्ण

कर्ण कौरवों का सेनापति था। महाभारत युद्ध के सतरहवें द‌िन कर्ण का वध अर्जुन द्वारा द‌िव्यास्‍त्र चलाने से हुआ। परन्तु कर्ण की मृत्यु का कारण केवल अर्जुन...