120 सालों बाद इस साल (2017) भी बन रहे है हनुमान जयन्ती पर खास संयोग

इस बार हनुमान जयन्ती चैत्र चित्रा नक्षत्र, दिन मंगलवार को चित्रा नक्षत्र युक्त राजयोग में मनाई जा रही है|

राज योग सूर्योदय से ही शुरू हो जायेगा| जो दिन में 11: 38 बजे तक रहेगा| राजयोग के कारण इस बार की जंयती बहुत महत्वपूर्ण है|

120 सालों के बाद इस साल (2017) की हनुमान जयंती पर भी बड़े ही खास संयोग बन रहे हैं| इसलिए इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना से भक्तों पर खास अनुकम्पा होगी|

हनुमान जी को भगवान शिव का ग्यारहवां अवतार माना जाता है| हिन्दू धर्म की मान्यतानुसार रुद्रावतार भगवान हनुमान माता अंजनी और वानर राज केसरी के पुत्र हैं| हनुमान जी की जन्मतिथि पर कई मतभेद हैं| लेकिन अधिकतर लोग चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को ही हनुमान जयंती के रूप में मानते हैं| हनुमान जी के जन्म का वर्णन वायु- पुराण में उल्लेखित है|

हनुमान जयंती के दिन प्रात: काल सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होने के बाद हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए| पूजा में ब्रह्मचर्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए|

इस दिन वाल्मीकि रामायण तुलसीकृत श्री राम चरित्र मानस के सुंदरकांड का या हनुमान चालीसा के अखंड पाठ का आयोजन करना चाहिए| हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उनके भजन एवं कीर्तन का भी आयोजन करें| हनुमान जी के विग्रह का सिंदूर श्रंगार करना चाहिए| नैवेध मे गुड़, भीगा चना या भुना चना तथा बेसन के लड्डू रखने चाहिए|

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