धर्म

Hinduism is the World’s most sacred and the oldest religion. Hinduism is a way of life and is often called as the eternal law beyond human origins. Hindu practices include rituals such as worship and recitations, meditation, family-oriented rites of passage, annual festivals, and pilgrimages. Every Hindu should follow honesty, ahimsa, patience, forbearance, self-restraint, compassion….

जानिए पौराणिक काल के विभिन्न प्राणियों के बारे में

हिन्दू धर्म में पौराणिक काल में कुछ अलग तरह के जीव-जंतु भी रहे हैं जैसे कि गांधर्व जोकि हिन्दू धर्म काफ़ी पुराने जीवों में से हैं जिनका सिर मनुष्यों जैसा और शरीर का बाकि हिस्सा...

इस झील में सोना-चाँदी चढ़ाने से होती हैं मन्नतें पूरी

वैसे तो धन-सम्पत्ति, सोना-चाँदी कई मंदिरों और तीर्थ स्थानों में चढ़ाया जाता है लेकिन एक ऐसी झील है जहाँ बाबा कमरुनाग सोना-चाँदी चढ़ाने पर करते हैं लोगों की मन्नतें पूरी| आइए जानते हैं कमरुनाग झील के बारे में:-  कमरुनाग...

महाभारत में धर्म और अधर्म की लड़ाई के लिए कुरुक्षेत्र की भूमि को ही...

जब दुनिया का प्रथम विश्वयुद्ध महाभारत होने का निश्चय हुआ तो उसके लिए जमीन की खोज जारी की गई और यह जिम्मेदारी श्री कृष्ण जी की थी कि वे ऐसी जगह चुने जिसका इतिहास...

एक ऐसा मंदिर जहाँ भगवान की नहीं बल्कि कुत्ते की पूजा की जाती है

हिन्दू धर्म के लोग लाखों मंदिरों में जाकर अपना सर झुका कर भगवान से आशीर्वाद लेते है और मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए प्राथना करते है| परन्तु आप कभी ऐसे मंदिर में गए हो जहाँ भगवान की...

जहां आज भी वास करते हैं भगवान विष्णु – तिरुपति बालाजी

आंध्र-प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी का मंदिर विश्व का सबसे महंगा अथवा बड़ा मंदिर माना जाता है| यह भी माना जाता है कि यहां आज तक भी भगवन विष्णु वास करते हैं| आइए जानते हैं इसके पीछे की...

क्या मिल सकते है लाभ संध्या वंदन से जो सभी हिन्दुओं का है कर्तव्य

रात्रि में अनजाने में हुए पाप-दोष सुबह की पूजा वंदना से दूर होते हैं, सुबह से दोपहर तक के दोष दोपहर की संध्या से और दोपहर के बाद अनजाने में हुए पाप शाम की संध्या...

हैरान कर देने वाले कुछ हिन्दू धर्म के मंदिर

इतिहासकारों का कहना है कि वैदिक काल में मंदिर नहीं हुआ करते थे| मूर्ति पूजा वेदिक काल के अंत में प्रचलित हुई है|  सभी धर्म हिन्दू सनातन धर्म से ही उतपन्न हुए हैं जैसे...

आखिर क्यों राजा दशरथ को नहीं भेजा गया आमंत्रण सीता स्वयंवर के लिए ?

ऐसा क्या हुआ की राजा जनक ने दूर-दूर तक के राज्यों में अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर का आमंत्रण भेजा परन्तु अयोध्या नरेश महाराजा दशरथ को इस स्वयंवर का न्योता नहीं भेजा गया? राजा जनक...

जानिए माता बगलामुखी की कथा

देवी बगलामुखी से जुडी एक कथा बहुत प्रचलित है जिसके अनुसार एक बार सतयुग में महाविनाश उत्पन्न करने वाला तूफान आया, जिससे सारी सृष्टि नष्ट होने लगी| इससे चारों ओर हाहाकार मच गया और अनेकों लोक संकट में...

आइए जानते है अच्छी भावना और तरीके से कैसे करें नमस्कार और क्या है...

नमस्ते और नमस्कार भारतीय संस्कृति का एक एहम हिस्सा है, किसी से मिलते समय दोनों हथेलियों को मिलाकर सामान्य नमस्कार की जाती है| यह नमस्कार विभिन्न धर्मों में भिन्न-भिन्न नामों से प्रचलित है। कहीं लोग राम-राम, जय श्रीराम करते...

हनुमान जी की माता अंजना कैसे बनीं अप्सरा से वानर?

हिन्दू धर्म में श्रापों और वरदानों का सिलसिला बबुत ही आम बात है| हुनमान जी को श्राप था कि वे जब उन्हें उनकी शक्तियों का सबसे अधिक ज़रूरत होगी तब वे अपनी शक्तियां भूल जायेंगे| ना...

भगवान में आस्था रखें तो भवसागर भी आपका रास्ता नहीं रोक पायेगा

वृंदावन की एक गोपी रोज दूध दही बेचने मथुरा जाती थी, एक दिन व्रज में एक संत आये, गोपी भी कथा सुनने गई, संत कथा में कह रहे थे, भगवान के नाम की बड़ी...

हिन्दू धर्म के कुछ प्राण-घातक अस्त्र

हिन्दू धर्म के ग्रंथो और उपग्रन्थों में कई अस्त्रों के बारे में उल्लेख किया गया है| देवी-देवताओं द्वारा शत्रुओं का अंत इन्हीं अस्त्रों द्वारा हुआ है| तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही अस्त्रों के बारे...

रामेश्वरम मंदिर का इतिहास

हर हिन्दू अपने जीवन में एक बार चार धाम की यात्रा करने का अवश्य सोचता है ताकि उसकी जीवन यात्रा सफल हो जाए| चार धाम की यात्रा सबसे पहले पूर्व में जगन्नाथ मंदिर से...

मनोकामनाएं पूरी करने के लिए रखे नवरात्रें

नवरात्रि एक संस्कृत शब्द  है जिसका अर्थ है  'नौ रातें' तथा हिन्दू धर्म में इसकी अधिक मान्यता है| इन नौ रातों में नौ देवी रूपों की पूजा की जाती है और दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है|  नवरात्रि के नौ...

कैसे विष्णु अवतार श्री कृष्ण पहुंचे अपने धाम ?

माना जाता है कि कुरुक्षेत्र की भूमि पर हुए युद्ध में कई योद्धाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी| इस के पश्चात वहां की मिट्टी का रंग लाल हो गया| महर्षि वेद व्यास ने महाभारत की कहानी...