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Guha Panchakam - Mantra & Meaning

Lord Subramanya or Muruga is also known as Guha. ‘Omkara Nagarastham Tham Nigamandha’ is a great mantra which is believed to bring good wealth, cure diseases and leads to a happy and prosperous life. Come let us recite the mantras and also learn the deep meaning behind it.

Omkara Nagarastham Tham Nigamandha vaneshwaram,
Nithyamekam Shivam santham vande guham umasutham

Salutations to Guha the son of Uma,
Who lives in the sound Om,
Who owns the forest of Vedantha,
Who is forever stable,
Who is peaceful
And who is peace himself.

Vachamma gocharam Skandham Chidu dyana viharinam,
Gurumurthim mahesanam vande Guham Umasutham.

Salutations to Guha the son of Uma,
Who is beyond the reach of words,
Who is Skanda,
Who lives in the garden of meditation,
Who is an ideal teacher,
And who is worshipped even by Lord Shiva.

Sachidananda roopesam samsaradwantha deepakam,
Subramanyam anadyantham vande Guham Umasutham.

Salutations to Guha the son of Uma,
Who is the personification of truth, god and happiness,
Who provides light to cross the darkness of life,
Who is called Subrahmanya,
And who does not have end nor beginning,

Swaminatham dayasindhum bhavabdha tharakam prabhum,
Nishkalangam gunatheetham vande guham umasutham.

Salutations to Guha the son of Uma,
Who is the Lord of the God,
Who is the ocean of mercy,
Who is the bridge to cross the ills of life,
Who is great,
Who is without any blemish,
And who is beyond the concept of qualities.

Nirakaram niradharam nirvikaram niraamayam,
Nirdwandwam cha niralambam vande guham umasutham.

Salutations to Guha the son of Uma,
Who is without any form.
Who does not depend on anyone,
Who neither becomes happy nor sad,
Who is forever,
Who does not have another similar to him,
And who does not have attachments.

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