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भगवद पुराण में की गयी थी कलयुग के बारे में भविष्यवाणी

श्रीमद्भगवद पुराण हिन्दू धर्म के पुराणों में से एक है। भगवद पुराण में कलयुग के बारे में भविष्यवाणी पहले ही कर दी गयी थी अर्थात कलयुग में क्या होगा यह पहले ही भगवद पुराण में लिखा जा चुका था।

आइए जानते हैं भगवद पुराण में की जाने वाली कलयुग की भविष्यवाणी के बारे में।

धर्म, स्वच्छता, दया, जीवन की अवधि, शारीरिक शक्ति, स्मृति तथा सत्यवादिता दिन ब दिन घटती जाएगी।

जिस के पास जितना धन होगा वह उतना ही गुणी माना जायेगा।

कलयुग में ब्राह्मण धर्म के नाम पर केवल एक धागा पहनेगा जबकि पहले ब्राह्मण अपने शरीर पर और भी बहुत चीजे पहनता था।

कानून तथा न्याय केवल एक शक्ति के आधार पर लागू किया जायेगा।

व्यापार में सफलता छल पर निर्भर करेगी।

गरीब व्यक्ति को अधर्मी तथा अपवित्र माना जायेगा।

इस युग में स्त्री तथा पुरुष साथ-साथ रहेंगे।

चालाक और स्वार्थी व्यक्ति को इस युग में विद्वान माना जायेगा।

कलयुग में जो विवाह होगा वह दो लोगों के बीच में बस एक समझौता मात्र होगा।

जीवन का मुख्य लक्ष्य केवल पेट भरना ही होगा।

ऐसा माना जायेगा कि लोगों की सुंदरता उनके बालों से होगी।

लोग सत्ता हासिल करने के लिए एक दूसरे को मारने तक की हद तक पहुँच जायेंगे।

अपनी अंतरआत्मा को स्वच्छ करने के लिए लोग केवल स्नान करना ही पर्याप्त समझेंगे।

पृथ्वी भ्रष्ट लोगों से भर जाएगी।

अकाल और अत्याधिक करों द्वारा परेशान, लोग पत्ते, जड़, मांस, जंगली शहद, फल, फूल और बीज खाने को मजबूर हो जाएंगे। भयंकर सूखा पड़ेगा।

ठंड, हवा, गर्मी, बारिश और बर्फ यह सब लोगों को बहुत परेशान करेंगे।

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