इस नियम से लें अखंड ज्योति का संकल्प

नवरात्रों में अखंड ज्योति का संकल्प लेने की परम्परा है| परन्तु क्या आप जानते हैं कि अखंड ज्योति के संकल्प के लिए कुछ नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक होता है| यदि हम इन नियमों का पालन नहीं करते तो यह हमारे लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है|

आइए जानते हैं कि हमें अखंड ज्योति के लिए किन नियमों को ध्यान में रखना चाहिए|

शास्त्रों में अखंड ज्योति के बारे में बताया गया है कि जिस समय तक के लिए अखंड ज्योति का संकल्प लिया गया है, उससे पहले वह खंडित नहीं होनी चाहिए| यदि ऐसा होता है तो यह बहुत अशुभ माना जाता है|

अखंड ज्योति की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति को दें जो अखंड ज्योति में तेल या घी खत्म न होने दे| क्योंकि घी या तेल की कमी से अखंड ज्योति खंडित हो सकती है|

अखंड ज्योति को हवा से बचाने के लिए उसे कांच के गोले में रख सकते हैं|

लगातार अखंड ज्योति जलने से बाती में कालिख जम जाती है जिस कारण वह बुझने लगती है| ऐसी स्थिति में एक अतिरिक्त बाती को जलाकर दीए में रख दें और मुख्य बाती को उठाकर उस पर जमीं हुई कालिख को हटा दें|

यदि अखंड ज्योति अपना समय पूरा होने के बाद भी जल रही है तो उसे बुझाये न| उसे जलते ही रहने दें|

आपके कमैंट्स
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